नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के अंदर दूसरी बार देशवासियों से की अपील को दोहराया है। उन्होंने गुजरात के वडोदरा में कहा कि पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल जितना हो सके उतना कम करें। सोने की गैरजरूरी खरीद न करें और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें। पीएम मोदी ने कार पूलिंग करने और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करने की भी अपील की।
वर्चुअल मीटिंग पर जोर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,’डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतनी सारी चीजें आसान बना दी हैं कि टेक्नोलॉजी की मदद हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। यह जरूरी है कि सरकारी और प्राइवेट, दोनों तरह के दफ्तरों में वर्चुअल मीटिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता दी जाए। देश का बहुत सारा पैसा सोने के आयात पर विदेश चला जाता है। इसलिए, मैं आप सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि जब तक हालात सामान्य न हो जाएं, तब तक सोने की खरीदारी टाल दें। आज समय की मांग है कि हम ‘वोकल फॉर लोकल’ को एक जन-आंदोलन बना दें। विदेशी सामान के बजाय, स्थानीय उत्पादों को अपनाएं। अपने गांव, अपने शहर और अपने देश के उद्यमियों को सशक्त बनाएं।’
कारपूलिंग को बढ़ावा दें : मैं अपने देश के हर नागरिक से अपील करता हूं कि वे पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल जितना हो सके कम करें। मेट्रो का इस्तेमाल करें, इलेक्ट्रिक बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और कारपूलिंग को बढ़ावा दें। जिनके पास कार है, उन्हें एक ही गाड़ी में ज्यादा लोगों को साथ ले जाना चाहिए। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
दुनिया अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही : पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों से दुनिया लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोविड का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव। इन सभी स्थितियों का असर लगातार पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। अगर COVID महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियां इस दशक के बड़े संकटों में से एक हैं। जब हमने मिलकर COVID की चुनौती का सामना किया, तो हम निश्चित रूप से इस संकट से भी पार पा लेंगे। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है कि देश के लोगों पर इसका असर कम से कम हो।
देश के संसाधनों का बोझ कम करें : युद्ध का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पहले के दशकों में भी, जब भी देश किसी युद्ध या किसी अन्य बड़े संकट से गुजरा है, तो सरकार की अपील पर हर नागरिक ने उसी तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आज भी, हम सभी को एक साथ आने और देश के संसाधनों पर बोझ कम करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। भारत विदेशों से कई चीजें मंगाने पर लाखों-करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च करता है। साथ ही, बाहर से आने वाली चीजों की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं, दुनिया भर में सप्लाई चेन भी बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।
मायने रखता है छोटा-बड़ा प्रयास : पीएम मोदी ने आगे कहा कि जिस तरह हर एक बूंद से घड़ा भरता है, उसी तरह हर छोटा-बड़ा प्रयास मायने रखता है। हमें विदेशों से आने वाली चीजों का इस्तेमाल कम करना चाहिए और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बाहर से आने वाली चीजों पर बेवजह निर्भरता से बचना चाहिए, और साथ ही ऐसी निजी गतिविधियों से भी बचना चाहिए जिनमें विदेशी मुद्रा खर्च होती हो।
पीएम मोदी की अपील के मायने :
- इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान पीएम मोदी की ये अपील बेहद खास है।
- पीएम मोदी की अपील से यह भी माना जा रहा है कि फिलहाल इस जंग के रुकने के कोई आसार नहीं हैं।
- मिडिल ईस्ट में हो रही इस जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक हो गया है, जिससे पूरी दुनिया परेशान है।
- पेट्रोल-डीजल के साथ गैस की सप्लाई भी बाधित हो रही है, जिसका असर आम आदमी पर पड़ रहा है।
- पीएम मोदी की अपील से लोग इन जरूरी चीजों के इस्तेमाल में कटौती कर सकते हैं, जिससे देश को फायदा होगा।
