जमशेदपुर : झारखंड में जमशेदपुर शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एग्रीको में हुए ट्रिपल मर्डर मामले में लगातार दिल दहला देने वाले खुलासे हो रहे हैं। एक पिता ने जिस बेरहमी से अपने ही परिवार को मौत के घाट उतारा, उसकी खौफनाक सच्चाई अब पुलिस की जांच में सामने आ रही है। पुलिस हिरासत में आए मुख्य आरोपी और रिटायर्ड टाटा स्टील कर्मी रविंद्र प्रसाद सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस की तफ्तीश में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने पूरी क्रूरता के साथ निहत्थे और बेखबर परिवार पर जानलेवा हमला किया था।
सोते हुए बच्चों और खाना बना रही पत्नी पर हुआ हमला : इस जघन्य हत्याकांड की जांच कर रहे एएसपी शुभम द्विवेदी ने क्राइम सीन का मुआयना करने के बाद बताया कि वारदात के वक्त घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि घटना के समय आरोपी की पत्नी सरिता सिंह रसोई में खाना बना रही थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने ही जाकर गैस बंद की। वहीं, आरोपी की गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह और बेटा रविशेक कुमार दोनों अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। सोते हुए बच्चों और खाना बना रही पत्नी को संभलने का कोई मौका दिए बिना ही रविंद्र सिंह ने उन पर अचानक हमला कर दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
कुल्हाड़ी और हथौड़े से दिया खौफनाक वारदात को अंजाम : पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए दो हथियार बरामद किए हैं। इनमें एक कुल्हाड़ीनुमा हथियार और एक हथौड़ा शामिल है। इन हथियारों के इस्तेमाल से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमलावर के सिर पर खून सवार था। अपने ही परिवार को इतनी बेरहमी से खत्म करने के बाद आरोपी अब खुद को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताने की कोशिश कर रहा है।
पुलिस जांच में नहीं कर रहा सहयोग, मोबाइल एफएसएल लैब भेजे जाएंगे : एएसपी के मुताबिक, आरोपी पुलिस की पूछताछ में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है और सवालों के सीधे जवाब देने से बच रहा है। घटना के पीछे के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। हालांकि, सभी मोबाइल लॉक हैं और आरोपी उनका पासवर्ड नहीं बता रहा है। ऐसे में अहम सुराग जुटाने के लिए पुलिस अब इन मोबाइलों को एफएसएल लैब भेजने की तैयारी कर रही है।
विधायक पूर्णिमा साहू का फूटा गुस्सा : इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जमशेदपुर (पूर्वी) की विधायक पूर्णिमा साहू ने घटनास्थल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड पर गहरा दुख और हत्यारे पिता के कृत्य पर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि रिटायर होने के बाद से आरोपी मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक विवाद क्या था, यह अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन आरोपी ने अपनी प्रेग्नेंट बच्ची, बेटे और पत्नी की हत्या कर दी है। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी और गुस्सा जताया कि जब प्रशासन उससे इस घटना के बारे में पूछ रहा है, तो वह बेशर्मी से कह रहा है कि “गलती से हो गया”।
उसे तो नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी : विधायक ने समाज में बढ़ रही हिंसा पर चिंता और इस क्रूरता पर कड़ा गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह होनी ही नहीं चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हिंसा ही समाधान बन जाए, तो फिर समाज किस ओर जा रहा है?
पूर्णिमा साहू ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसे आदमियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अपनी गर्भवती बच्ची को तक ना छोड़े, उनको तो नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी। विधायक ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी को सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाई जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके।
