किशनगंज : बिहार में किशनगंज के सदर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से 115 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला उजागर किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सोमवार सुबह 7 बजे से EOU की टीम ने उनके किशनगंज स्थित सरकारी आवास सहित पटना, छपरा और मुजफ्फरपुर के कुल पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले गए और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए।
1.70 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति का खुलासा : आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2009 बैच के इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के विरुद्ध 13 अप्रैल को कांड संख्या 5/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने ज्ञात आय स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से 115.66 प्रतिशत अधिक है।
छापेमारी में जमीन, फ्लैट और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद : डीएसपी जैनीफुद्दीन के नेतृत्व में करीब 8 घंटे तक चली छापेमारी के दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज मिले। इनमें सिलीगुड़ी में पत्नी और साले के नाम पर लगभग 6 कट्ठा जमीन के कागजात शामिल हैं। इसके अलावा पटना के रामकृष्ण नगर में एक फ्लैट और मुजफ्फरपुर में जमीन होने के प्रमाण भी मिले हैं। टीम ने थानाध्यक्ष के आवास से डायरी, बैंक पासबुक और निवेश से जुड़े अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
15 दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप : EOU ने बताया कि किशनगंज जिले में पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 31 मार्च को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
EOU की जांच जारी, और बड़े खुलासों की संभावना : EOU के डीएसपी सुनील कुमार ने कहा कि कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बरामद दस्तावेजों में परिजनों के नाम पर किए गए निवेश और संपत्तियों से जुड़े अहम प्रमाण मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। टीम अब सभी बरामद दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
