पाकिस्तान : कर्नल पुरोहित के ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नत होने से बौखलाया PAK, उगला जहर-बताया ‘आतंकी’

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नई दिल्ली/इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नत करने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान ने ब्रिगेडियर श्रीकांत पुरोहित को ‘आतंकवादी’ करार दिया और इसे लेकर भारत पर आतंकवाद फैलाने, मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने जैसे बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। कर्नल पुरोहित मालेगांव बम विस्फोट केस में आरोपी थे, लेकिन उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद निर्दोष करार दिया गया। इसके बाद सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) ने उनकी 31 मार्च 2026 को प्रस्तावित सेवानिवृत्ति पर रोक लगा दी थी।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा : पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में कहा, “इस ‘आतंकी’ भारतीय सेना अधिकारी के प्रमोशन के संबंध में हमने इस खबर को अत्यंत गंभीर चिंता के साथ संज्ञान में लिया है कि यह आरोपी—जिसने वास्तव में एक समय पर अपना गुनाह कबूल भी किया था—यानी भारतीय सेना के कर्नल पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोट कर दिया गया है। पाकिस्तान इस अत्यंत परेशान करने वाले घटनाक्रम की स्पष्ट शब्दों में निंदा करता है। यह घटना भारतीय व्यवस्था में जवाबदेही के संबंध में एक चिंताजनक संकेत भेजती है, और साथ ही उन 68 निर्दोष नागरिकों के दुख को और बढ़ा देती है, जिन्होंने लगभग दो दशक पहले भारतीय धरती पर लाहौर जाने वाली ट्रेन में अपनी जान गंवा दी थी। ये पीड़ित और उनके परिवार पिछले दो दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

भारत के खिलाफ उगला जहर : उसने आगे कहा, “मामले को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय, मेरा मानना है कि यह निर्णय एक ऐसे पैटर्न को रेखांकित करता है, जिसे न्याय की अनिवार्यता को कमजोर करने के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रमोशन भारत के ‘राज्य-प्रायोजित आतंकवाद’, पाकिस्तान और मुसलमानों के विरुद्ध हिंसक कृत्यों के प्रति उसकी सहिष्णुता, तथा भारत के शासन और न्यायिक ढांचे के भीतर मौजूद पक्षपातपूर्ण और बहिष्करणवादी मानसिकता के बारे में भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।” पाकिस्तान बिना सबूत भारत के खिलाफ ऐसे आरोप पहले से लगाता रहा है, जबकि वह खुद घोषित रूप से आतंकवाद का समर्थक और वैश्विक सप्लायर भी है।

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट का इंसाफ मांगा : पाकिस्तान ने कहा, “समझौता एक्सप्रेस के पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना ही चाहिए—ऐसा न्याय जो विश्वसनीय, पारदर्शी और हर प्रकार की शंका से परे हो। पाकिस्तान एक बार फिर इस जघन्य अपराध के सभी अपराधियों और सहयोगियों को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक गहन और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया की अपनी मांग दोहराता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी ‘दण्ड मुक्ति की उस धारणा’ का संज्ञान लेना चाहिए, जिसके बारे में हम लगातार आवाज उठाते रहे हैं।”

कर्नल पुरोहित का मालेगांव केस में कैसे आया नाम : लेफ्टिनेंट कर्नल (अब ब्रिगेडियर) श्रीकांत पुरोहित भारतीय सेना के मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) विंग के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में हिस्सा लिया था, विशेषकर आतंकवाद विरोधी गतिविधियों की खुफिया जानकारी जुटाने में।

29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक बम धमाका हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक घायल हुए थे। कर्नल पुरोहित पर आरोप लगा कि उन्होंने धमाके के लिए विस्फोटक मुहैया कराए और ‘अभिनव भारत’ नामक संगठन के जरिए साजिश रची।

वह भारत के पहले सेवारत सैन्य अधिकारी थे, जिन्हें किसी आतंकी मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुरोहित की गिरफ्तारी के बाद भारतीय राजनीति में ‘भगवा आतंकवाद’ या ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसे शब्द काफी चर्चा में रहे।