ED : 12 जगहों पर ईडी की रेड, उड़ाए पंचकुला नगर निगम के 145 करोड़ रुपये

Delhi-ED

नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चंडीगढ़, पंचकुला, जीरकपुर, डेरा बस्सी और राजपुरा (पटियाला) में स्थित 12 परिसरों पर रेड की है। यह छापेमारी, तलाशी अभियान धन शोधन से संबंधित है।

इस दौरान खरीद-बिक्री समझौतों और धन शोधन के अपराध से जुड़े विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेजों और साक्ष्यों को जब्त किया गया। इस केस में कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों पर हरियाणा में पंचकुला नगर निगम के 145 करोड़ रुपये उड़ाने का आरोप है। बैंक अधिकारियों ने निगम के अफसरों और प्राइवेट लोगों से मिलकर वैद्य खातों में जमा नगर निगम की राशि को फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया।

ईडी ने इस मामले में हरियाणा के पंचकुला स्थित एसीबी द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की है। एफआईआर में खुलासा हुआ है कि अज्ञात बैंक अधिकारियों द्वारा एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत पंचकुला नगर निगम के 145 करोड़ रुपये का गबन किया गया था। अब तक हुई जांच से पता चला है कि नगर निगम के अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के एक गुप्त आपराधिक गिरोह ने सरकारी धन की हेराफेरी की साजिश रची थी।

दिलीप कुमार राघव (ग्राहक संबंध प्रबंधक, कोटक महिंद्रा बैंक) और पुष्पिंदर सिंह (उप उपाध्यक्ष, कोटक महिंद्रा बैंक) ने विकास कौशिक (पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी, नगर निगम, पंचकुला) के सहयोग से पंचकुला नगर निगम के नाम पर जाली और फर्जी प्राधिकरण दस्तावेजों के माध्यम से दो बैंक खाते खोले। पंचकुला नगर निगम के वैध खातों में मौजूद धनराशि को जाली और फर्जी निधि स्थानांतरण प्राधिकरण पत्रों का उपयोग करके अनधिकृत खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा, बैंक अधिकारियों ने पंचकुला नगर निगम के नाम पर प्राप्त जाली और फर्जी प्राधिकरण पत्रों के जवाब में लेनदेन के लिए प्राधिकरण प्राप्त करने के लिए अनधिकृत ईमेल आईडी का उपयोग किया। नगर निगम के अधिकारी द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार अधिकृत ईमेल आईडी अलग थीं।

इसके अलावा, आपराधिक गिरोह द्वारा पंचकुला नगर निगम के नाम पर खोले गए अनाधिकृत बैंक खातों में अवैध रूप से स्थानांतरित की गई धनराशि का उपयोग रजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार जैसे वित्तदाताओं को आगे हस्तांतरित करने के लिए किया गया। यह धनराशि पुष्पेंद्र सिंह और प्रीति ठाकुर (पुष्पेंद्र सिंह की पत्नी) को वापस भेजी गई। ऐसी धनराशि रियल एस्टेट फर्मों और निजी व्यक्तियों को भी हस्तांतरित की गई। हालांकि, पंचकुला नगर निगम के रिकॉर्ड को पंचकुला नगर निगम के असली खातों से हो रहे इन लेन-देन की जानकारी नहीं थी।

पंचकुला नगर निगम को जाली एफडीआर दस्तावेज दिए गए थे, जिनमें कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11, पंचकुला में 16 एफडी में लगभग 145.03 करोड़ रुपये के निवेश को दर्शाया गया था, जिसकी परिपक्वता राशि लगभग 158.02 करोड़ रुपये थी। अतः, पुष्पेंद्र सिंह, रजत दहरा, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, सनत रियल्टर्स, सनी गर्ग और कपिल कुमार के परिसरों पर 22 अप्रैल को रेड की गई, जिसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक साक्ष्य जब्त किए गए।