नोएडा : PAK गैंगस्टर और ISI से जुड़े 2 संदिग्ध गिरफ्तार

Noida-Arrest

नोएडा : उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए नोएडा से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और उससे जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क और खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में आकर भारत के भीतर स्लीपर सेल खड़ा करने और हिंसक वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क युवाओं को लालच और कट्टरपंथ के जरिए जोड़कर देश के भीतर अस्थिरता फैलाने की साजिश में जुटा था।

एटीएस ने नोएडा से मेरठ निवासी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उनके पास से 32 बोर पिस्टल, पांच कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जो इस नेटवर्क की गहराई और गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टरों और कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में आए थे। पूछताछ में तुषार ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी अकाउंट बनाकर ‘शहजाद भट्टी’ नाम से संपर्क साधा और धीरे-धीरे नेटवर्क का हिस्सा बन गया। इसके बाद उसे लगातार निर्देश दिए जाने लगे।

एटीएस अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था। इसमें शहजाद भट्टी, आबिद जट और कुछ कट्टरपंथी पाकिस्तानी यूट्यूबर्स की भूमिका सामने आई है, जो भारतीय युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें रेडिकलाइज कर रहे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें देश के खिलाफ गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों को संवेदनशील स्थानों की रेकी करने, चुनिंदा लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और टार्गेटेड हत्याएं करने का जिम्मा दिया गया था। इसके बदले उन्हें पहले 50 हजार रुपये और वारदात के बाद 2.5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया। साथ ही दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी प्रस्ताव दिया गया था, ताकि उन्हें आगे प्रशिक्षित किया जा सके।

समीर खान इस नेटवर्क से एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए जुड़ा हुआ था और उसे नए लोगों को जोड़ने का काम सौंपा गया था। एजेंसियों के अनुसार, यह एक संगठित मॉड्यूल था, जो चरणबद्ध तरीके से भारत में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।

एटीएस को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। लगातार निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने से पहले ही विफल कर दिया गया।