धनबाद : झारखंड के धनबाद में वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का एक वीडियो गुरुवार को झारखंड में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। जिसमें बताया जा रहा है कि प्रिंस खान विदेश से यह वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में प्रिंस खान ने धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार पर कार्रवाई की मांग : प्रिंस खान ने एसएसपी पर कोल माफिया को संरक्षण देने, भू माफिया से साठगांठ और व्यापारियों को धमकाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। इस वीडियो को झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री से धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को तत्काल हटाने और विधिसंवत कार्रवाई की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने निष्पक्ष जांच की मांग की : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान की ओर से विदेश से जारी कथित वीडियो को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो ने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो का संपादित हिस्सा साझा करते हुए कहा कि वीडियो में धनबाद के एसएसपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
माफिया और प्रशासन के गठजोड़ की आशंका : नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वीडियो में गरीबों और कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा कराने, माइनिंग माफियाओं से सांठगांठ और वर्दी तथा सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर भय का माहौल बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अपराधी प्रिंस खान के इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों सौंपी जा रही हैं। इससे जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
क्या माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा प्रशासन : मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवालिया लहजे में पूछा कि क्या झारखंड का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है? उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या फिर माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
पूरा वीडियो मुख्यमंत्री को दूंगा : बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उन्होंने एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संयम बरता है। समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने, इसलिए वीडियो का केवल संपादित अंश ही सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पूरा वीडियो वह मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराएंगे, ताकि बाद में यह नहीं कहा जा सके कि सरकार को मामले की जानकारी नहीं थी।
न्यायिक निगरानी में जांच की मांग : नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। साथ ही माइनिंग माफिया, भूमि कब्जा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को भी टैग किया है। इससे इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि झारखंड सरकार इसपर क्या एक्शन लेती है।
