बिहार : सीतामढ़ी में रिश्वत लेते पुलिस रीडर गिरफ्तार, निगरानी विभाग ने की बड़ी कार्रवाई; मचा हड़कंप 

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सीतामढ़ी : बिहार में सीतामढ़ी जिले के पुपरी में सोमवार शाम निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अंचल निरीक्षक कार्यालय में तैनात रीडर गोविंद चौधरी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रीडर बोखड़ा थाना कांड संख्या 107/26 में परिवादी का नाम हटाने और धाराएं कम करने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। निगरानी विभाग की टीम ने डीएसपी कुणाल चंद्र जायसवाल के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए रुन्नीसैदपुर प्रखंड कार्यालय ले जाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पुपरी समेत पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे दिन इस घटना की चर्चा होती रही।

20 हजार में हुआ था सौदा : निगरानी विभाग के अनुसार बोखड़ा थाना क्षेत्र के जयशंकर शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रीडर गोविंद चौधरी उनके खिलाफ दर्ज मामले में नाम हटाने और कुछ धाराएं कम करने के लिए 35 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। बाद में बातचीत के दौरान 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। परिवादी ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की, जिसके बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 24/26 दर्ज किया गया। मामले की सत्यता की जांच पीटीसी मोहन पांडेय द्वारा कराई गई, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद निगरानी विभाग ने पूरी योजना बनाकर धावा दल तैयार किया।

सोमवार सुबह बिछाया गया था जाल : जानकारी के अनुसार रीडर ने परिवादी को पहले 9 मई को ही रुपये लेकर कार्यालय बुलाया था, लेकिन किसी कारणवश उस दिन लेन-देन नहीं हो सका। इसके बाद सोमवार सुबह फिर से बुलाया गया। तय योजना के तहत परिवादी सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर रिश्वत की रकम लेकर पुलिस अंचल कार्यालय पहुंचा। इसी दौरान निगरानी विभाग की टीम भी पहले से मौके पर तैनात थी। हालांकि टीम के पहुंचते ही रीडर ने रुपये हाथ में नहीं लिए, लेकिन जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर निगरानी धावा दल ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि कार्यालय में मौजूद कर्मियों और पुलिस अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई।

कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में बढ़ी बेचैनी : निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में बेचैनी देखी गई। कई अधिकारी पूरे मामले पर बोलने से बचते नजर आए। सूत्रों के अनुसार आरोपी रीडर से कई घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद निगरानी टीम उसे अपने साथ लेकर रवाना हो गई। छापेमारी टीम में डीएसपी श्यामबाबू प्रसाद, एसआई गणेश कुमार, एएसआई देवेंद्र प्रसाद तथा सिपाही राहुल कुमार शामिल थे। निगरानी विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और रिश्वतखोरी में शामिल किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।