कोलकाता : बंगाल में टीएमसी सरकार के जाने के बाद से लगातार पुलिस और प्रशासन एक्शन में है। अब कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में कुछ ऐसा हुआ, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक बंद कमरा मिला। ताला तोड़ा गया तो वह एक शानदार बना बेडरूम था। यहां एक स्टोर रूम भी मिला। स्टोर रूम से दो सूटकेस बरामद हुए। जब सूटकेस खोले गए तो सबके होश उड़ गए। वे कैश से भरे हुए थे। हालांकि नोटों में दीमक लग गई थी और नोट बुरी तरह खराब हो गए थे। कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसने यूनियन रूम में एक हथियार भी बरामद किया। यह कमरा भी बंद था।
कॉलेज प्रशासन ने मुचिपारा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। कॉलेज के एक अधिकारी ने बताया कि KMC के डेंगू-रोकथाम अभियान के आदेश के बाद, कैंपस में चलाए गए एक सफाई अभियान के दौरान कैश से भरे दो सूटकेस मिले।
पांचवीं मंजिल पर बने मिले तो बेडरूम : नगद राशि बरामद होने के बाद, दिन और शाम की पाली के प्रिंसिपलों की मौजूदगी में, कर्मचारियों ने कैंपस की एक नई इमारत की पांचवीं मंजिल पर बने दो और कमरों के ताले तोड़ दिए। बताया गया है कि इन दोनों कमरों में अटैच्ड वॉशरूम थे और उनमें बिस्तर, अलमारियां, मेज और कुर्सियां रखी हुई थीं, जिससे इन कमरों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
पढ़ने के लिए रूम नहीं, बना दिए बेडरूम : दिन की पाली के टीचर-इन-चार्ज पूर्णेंदु प्रकाश पाल ने बताया कि क्लासरूम की कमी को देखते हुए, इस इमारत को कैंपस में पढ़ाने की जगह बढ़ाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने हैरानी जताई कि इसके बजाय, दो कमरों में बिस्तर और दूसरा फर्नीचर लगा दिया गया था।
सफाई अभियान में खुला कमरे का ताला : पूर्णेंदु पाल ने बताया कि वह बंद स्टोर रूम, जहां पैसे मिले थे, कैंपस के पिछले हिस्से में था और वहां शायद ही कभी कोई जाता था। सफाई अभियान के दौरान, कर्मचारियों को पहले तो उस कमरे की चाबी नहीं मिली, और काफी खोजने के बाद भी जब चाबी नहीं मिली, तो उन्होंने ताला तोड़ दिया। पाल ने कहा कि ताला तोड़ने के बाद जब हमारे कर्मचारी अंदर गए, तो हमें दो सूटकेस मिले, जो खराब हो चुके करेंसी नोटों से भरे थे। हमने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी। उन्होंने आगे बताया कि जिस जगह पर वह कमरा बना था, वहां हर साल पानी भर जाता था और इसलिए उस कमरे को दोबारा खोला नहीं गया था।
ज्यादातर नए नोट : पुलिस ने बताया कि 100 और 500 रुपये के नोटों के ज़्यादातर बंडल दीमकों ने खराब कर दिए थे, और 500 रुपये के नोट वे नए नोट थे जो 2016 में नोटबंदी के बाद जारी किए गए थे। पुलिस ने नकद राशि जब्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
टीएमसी नेता का कॉलेज पर कंट्रोल : इस घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। स्थानीय BJP कार्यकर्ताओं और कॉलेज के कुछ कर्मचारियों ने देबाशीष बनर्जी पर आरोप लगाया है। देबाशीष गवर्निंग बॉडी के सदस्य और तृणमूल के एक प्रमुख पदाधिकारी थे। कहा जा रहा हैकि कॉलेज पर देबाशीष का ही नियंत्रण था।
देबाशीष का आरोपों से इनकार : इवनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल जाफ़र अली अखन ने दावा किया कि वहां कई तरह की गड़बड़ियां थीं, लेकिन वे डर के मारे कोई कार्रवाई नहीं कर सके। लेकिन देबाशीष बनर्जी ने इन आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप झूठे हैं, और यह मेरी पार्टी के साथ-साथ मेरी छवि को भी खराब करने की एक कोशिश है। मुझे इस पैसे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कॉलेज के अधिकारी इस बारे में बेहतर जवाब दे सकते हैं।
BJP विधायक सजल घोष ने हाल ही में तृणमूल द्वारा संचालित एक पूर्व यूनियन से जुड़े बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और कॉलेज फेस्ट के बहाने चंदा इकट्ठा करने का आरोप लगाया था। उन्होंने पिछले हफ़्ते भेजे गए एक पत्र में इस मामले की जांच की मांग की थी।
