गुना : काली बुलेट पर फर्राटे भरते हुए अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा करने वाली लेडी कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने आत्मघाती कदम उठा लिया है। 2016 बैच की 32 वर्षीय महिला आरक्षक निशा शर्मा पुलिस विभाग में अपने स्टाइल को लेकर चर्चा में रहती थी। पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में मंगलवार को उसकी लाश मिली है। इसके बाद लोग हैरान हैं।
मंगलवार दोपहर में मिली लाश : यह हृदय विदारक घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 से 2 बजे के बीच गुना पुलिस लाइन परिसर में सामने आई। मूल रूप से अशोकनगर की रहने वाली निशा शर्मा गुना पुलिस लाइन में अकेली रहती थीं। दो दिनों की छुट्टी काटकर वह सोमवार की शाम गुना वापस लौटी थी। मंगलवार की सुबह उसका कमरा अंदर से बंद था। सुबह काम करने वाली महिला पहुंची तो देर तक भीतर से कोई सुगबुगाहट नहीं हुई। इसके बाद पड़ोस में रहने वाले पुलिस परिवारों ने कैंट थाना को सूचना दी।
दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया : कैंट थाने की पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और बार-बार आवाज देने के बाद भी कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अंदर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई; निशा का शव पंखे के सहारे बेडशीट से बने फंदे पर लटका हुआ था। घटना की भनक लगते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। इस खौफनाक कदम की खबर सुनते ही गुना पहुंची निशा की बहन की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मौत से पहले थी सामान्य : मौत से चंद घंटों पहले तक निशा बिल्कुल सामान्य थीं। सोमवार शाम को ही उन्होंने अपनी मां और पिता सहित अन्य परिजनों से फोन पर बेहद हंसी-खुशी से बात की थी।
कल ही बात हुई थी, वह बहुत खुश थी। कह रही थी कि पापा चिंता मत करना, मैं सुरक्षित गुना पहुंच गई हूं। जब वह 2016 में पुलिस में भर्ती हुई थी, तब पूरे परिवार में भारी उत्साह था। -अशोक शर्मा, निशा के पिता
कुछ ही घंटों में क्या हुआ : ऐसे में महज कुछ घंटों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि एक जिंदादिल और बहादुर पुलिसकर्मी को मौत को गले लगाना पड़ा, यह रहस्य अभी बरकरार है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सिटी कोतवाली में पदस्थ थी निशा : एएसपी मान सिंह ठाकुर ने बताया कि महिला आरक्षक सिटी कोतवाली में पदस्थ थीं। वे दो-तीन दिन के अवकाश पर थीं और कल ही वापस ड्यूटी पर लौटी थीं। आज सुबह जब वे काफी देर तक नहीं उठीं और स्टाफ ने जाकर दरवाजा तोड़ा तो फांसी पर लटकी मिलीं। उन्होंने किस वजह से यह आत्मघाती कदम उठाया है, इसकी हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है और उनके विस्तृत बयानों तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
