मप्र : ‘मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ होगा बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम, कार्यपरिषद का बड़ा निर्णय

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भोपाल : मध्य प्रदेश का बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) के नाम से पहचानी जाने वाली भोपाल की ख्यात यूनिवर्सिटी का नाम बदलने जा रहा है। इसका नाम बदलकर “मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय ” किया जाएगा। इस आशय का प्रस्ताव विवि कार्यपरिषद की बैठक ने सर्वसम्मति से पास कर दिया है। विवि प्रशासन अब यह प्रस्ताव अब उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार को भेजा जाएगा। गजट नोटिफिकेशन के बाद नाम बदल जाएगा।

भोपाल की प्रतिष्ठित बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (BU) का नाम अब हमेशा के लिए बदलने जा रहा है। विश्वविद्यालय कार्यपरिषद ने मौलाना बरकतउल्ला का नाम हटाकर इसे ‘मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ करने का बड़ा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। इस फैसले के पीछे यूनिवर्सिटी ने जो तर्क दिया है, उसने राज्य के सियासी और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। अब अंतिम फैसला राज्य सरकार को करना है। विवि प्रशासव व कुलसचिव ने स्थानीय मीडिया को जानकारी दी है कि यह प्रस्ताव अब उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जा रहा है, जिसके बाद विधानसभा में संशोधन विधेयक लाकर इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

क्यों हटाया जा रहा है प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी का नाम? : 1970 में स्थापित भोपाल विश्वविद्यालय का नाम साल 1988 में क्रांतिकारी मौलाना बरकतउल्ला भोपाली की याद में ‘बरकतउल्ला विश्वविद्यालय’ किया गया था। लेकिन, अब यूनिवर्सिटी कार्यपरिषद ने नाम बदलने के पीछे एक बड़ा तर्क दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक ‘मौलाना बरकतउल्ला का अधिकांश जीवन विदेशों में बीता। प्रतापी राजा भोज की तुलना में बरकतउल्ला भोपाली का भोपाल के विकास, सांस्कृतिक उत्थान और नगर नियोजन में कोई सीधा योगदान नजर नहीं आता।’

  • बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित
  • नया नाम “मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय” रखने की सिफारिश
  • विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
  • अब उच्च शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के पास जाएगी फाइल
  • प्रस्ताव में भोपाल के इतिहास और राजा भोज की विरासत का हवाला
  • राजपत्र में प्रकाशन के बाद नया नाम आधिकारिक रूप से लागू होगा
  • दस्तावेज, वेबसाइट और रिकॉर्ड में किए जाएंगे बदलाव

‘वाग्देवी’ और ‘भोजपाल ‘: यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि शिक्षा संस्थान का नाम क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाला होना चाहिए। बता दें कि इतिहासकारों के अनुसार भोपाल का प्राचीन नाम राजा भोज के नाम पर ‘भोजपाल’ ही था। वहीं ‘वाग्देवी’ ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती का स्वरूप हैं, जिसकी स्थापना राजा भोज ने स्वयं धार की ऐतिहासिक भोजशाला में की थी। सरकार का मानना है कि यह नाम भारतीय शिक्षा परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के बिल्कुल अनुकूल है।

सरकार के पाले में पहुंची गेंद, ऐसे बदलेगा नाम : उच्च शिक्षा विभाग के नियमानुसार सरकारी विश्वविद्यालय राज्य अधिनियम (State Act) के तहत संचालित होते हैं, इसलिए कार्यपरिषद के इस प्रस्ताव को अब मोहन यादव सरकार हरी झंडी देगी। इसके बाद विधानसभा में बकायदा एक संशोधन विधेयक लाया जाएगा। विधानसभा से पारित होने और राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही इसे राजपत्र में अधिसूचित कर दिया जाएगा, जिसके बाद विश्वविद्यालय की वेबसाइट, डिग्री और तमाम रिकॉर्ड्स में नया नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ दर्ज हो जाएगा।