मधुबनी : बिहार एटीएस और मध्य प्रदेश एटीएस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मधुबनी से एक संदिग्ध मौलाना को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 56 वर्षीय इजहारुल हक पिता स्वर्गीय हाजी अब्दुल गफूर के रूप में हुई है। इजहारुल हक मूल रूप से मधुबनी जिले के ग्राम नौ टोल सरिसवपाही, थाना पंडौल का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में वह मधुबनी शहर के राघोनगर स्थित मदरसा नूरे मोहम्मदिया, उर्दू मोहल्ला में रह रहा था।
मिली जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश एटीएस ने 12 जून 2026 को धारा 152 भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धारा 13 (1) (b) एवं 18 गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच करते हुए एमपी की एटीएस टीम ने बिहार एटीएस से संपर्क किया। फिर दोनों टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इजहारुल हक को मधुबनी से दबोच लिया।
पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था इजहारुल हक : प्रारंभिक जांच एवं उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी इजहारुल हक कथित रूप से एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में होने की बात सामने आई हैं। संयुक्त छापामारी के दौरान आरोपी इजहारुल हक के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। एमपी एटीएस ने आरोपी को मधुबनी कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड में लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई।
गूगल मीट के जरिए अपने आका से बात करता था इजहारुल हक : पुलिस सूत्रों की माने तो इजहारुल हक ने दारुल उलेमा देवबंद उत्तर प्रदेश से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वो एक ईमाम मेहंदी नामक व्यक्ति के संपर्क में चला गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इजहारुल हक गूगल मीट के जरिए अपने आका के साथ मीटिंग करता था। इसके साथ ही वो कई बार कर्नाटक और मुंबई में मिलने भी गया था।
इजहारुल हक हर 3 महीने पर बिहार से बाहर जाता था : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इजहारुल हक हर तीन महीने बाद बिहार से बाहर जाता था। उसने पटना से पासपोर्ट भी बनवाया था। ये मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे को कट्टर बनाने का भी काम करता था। मदरसे के बारे में बताया जाता है कि इसकी फंडिंग विदेश से की जाती थी।
