देहरादून : उत्तराखंड में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला में भड़के बवाल ने गांव की सामाजिक तस्वीर बदल दी है। हिंसा, आगजनी और तनाव के बीच 25 से अधिक मुस्लिम परिवार रात के अंधेरे में अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। गांव के मुस्लिम मोहल्लों में सन्नाटा पसरा है और लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। पुलिस की कड़ी निगरानी के बावजूद परिवारों के मन से असुरक्षा और दहशत का डर नहीं निकल पा रहा है।
भाजपा नेता की मौत के बाद गांव में बड़ी संख्या में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता पहुंच गए। स्थानीय लोग भी सड़कों पर उतर आए। हाथों में डंडे लिए भीड़ एक मस्जिद की ओर बढ़ी, जिसे पुलिस ने मुश्किल से रोका। कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि सुबह 10 बजे तक कार्रवाई नहीं होने पर वे स्वयं कदम उठाएंगे। निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं होने पर आरोपियों के दो घरों में आग लगा दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
घटनाक्रम के बाद शनिवार रात से ही कई मुस्लिम परिवार अपने घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए। कुछ लोग जल्दबाजी में बिना ताला लगाए ही घर छोड़ गए। गांव में करीब 25 से अधिक घर बंद पड़े हैं। मुस्लिम बाहुल्य गलियों में सन्नाटा है और लोग किसी भी अनजान आहट पर घरों के भीतर से झांककर हालात का अंदाजा लगा रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों के कारण अधिकांश परिवार खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
रविवार को पुलिस पर पथराव की घटना के बाद मुस्लिम परिवारों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई। रात के अंधेरे में भी कई परिवार गांव छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर निकल गए। हालांकि प्रशासन ने गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर रखा है, लेकिन भय का माहौल अभी भी कायम है। मिश्रित आबादी वाले बैरागीवाला में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोग हालात पूरी तरह सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
BJP नेता की हत्या: पत्नी का फूटा दर्द : पति की हत्या के बाद भाजपा नेता विनोद कुमार की पत्नी का दर्द छलक पड़ा। रोते-बिलखते हुए उन्होंने कहा कि मुआवजा उनके लिए कोई मायने नहीं रखता। उनके दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। उन्होंने आरोपियों को सख्त सजा देने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
आरोपी के घर पर बरसाए पत्थर, बोली-मेरे सुहाग के कातिलों को दो सजा : पति की हत्या से सदमे में डूबी विनोद कुमार की पत्नी का दर्द गुस्से के रूप में फूटा। रोती-बिलखती पत्नी वह आरोपी के घर के बाहर पहुंची और पत्थर फेंक अपना आक्रोश जताया। बोलीं कि मेरे सुहाग के कातिलों को पकड़ा जाए। और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की हो। परिजन और ग्रामीण भी हत्यारों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रविवार रात प्रशासन ने आरोपी का मकान ध्वस्त कर दिया था, जबकि पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला में देर रात भाजपा के ओबीसी मोर्चा के मीडिया प्रभारी विनोद की पीट कर हत्या के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
यह है घटना : शनिवार देर रात सहसपुर में पुरानी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे और अन्य लोगों ने मिलकर विनोद उसके भाई अशोक व राजेश पर हथियारों से हमला कर दिया था। विनोद और उसके परिवार ने पूर्व प्रधान इस्पाक के कार्यकाल की सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कई जानकारी मांगी थी। उन्होंने प्रधान के कार्यकाल में ग्राम समाज की भूमि और अन्य मामलों में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। बगल का खेत पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे इम्तियाज का था। इम्तियाज के आपत्ति जताने पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। इस दौरान अमन, यूनुस, अनीस और रज्जाक आदि भी मौके पर आ गए। फिर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि इम्तियाज और उसके साथियों ने विनोद, अशोक और राजेश पर भारी और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। रज्जाक ने विनोद के सिर पर हथौड़े से तीन वार किए। अन्य दोनों भाइयों को भी जमकर पीटा। घायल अवस्था में तीनों भाइयों को हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई।
