बंगाल : TMC की ममता को बड़ा झटका… 3 बैंक खातों से पैसे निकालने पर लगी रोक, कुल 440 करोड़ हैं जमा

Bengal-TMC-Mamta-Freeze-Bank

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस में बंटवारे के बाद अब इसके बैंक अकाउंट्स को लेकर एक नई चुनौती सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने तृणमूल के तीन बैंक अकाउंट्स से पैसे निकालने (डेबिट) की सुविधा पर रोक लगा दी है। नतीजतन, इन अकाउंट्स से कोई लेन-देन नहीं हो सकता। फिलहाल इनसे एक रुपया भी नहीं निकाला जा सकता। तृणमूल नेता अरूप बिस्वास ने हाल ही में संबंधित बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर इन अकाउंट्स को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। सूत्रों से पता चलता है कि इन तीनों अकाउंट्स में कुल 440 करोड़ रुपये जमा हैं।

तृणमूल के तीन बैंक अकाउंट्स फ्रीज : तृणमूल विधायकों के एक बागी गुट ने पहले ही पार्टी के बैंक अकाउंट्स से जुड़े संभावित अवैध लेन-देन को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद, पुलिस ने शुक्रवार को तृणमूल के तीन बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक विधायकों ने तीन बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाना जरूरी है कि इन खातों में पैसा कानूनी तरीके से आया था या ‘कट-मनी’ (कमीशन) वसूलने, सरकारी कोष के गबन और घोटालों से अर्जित रकम के तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों से। एक शिकायतकर्ता ने कहा कि विश्वसनीय सूत्रों और से जानकारी मिली है कि गैर-कानूनी गतिविधियों – जैसे कि प्रभाव का गलत इस्तेमाल, बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन और अवैध रूप से पैसे इकट्ठा करने आदि से प्राप्त राशि शायद इन बैंक खातों में जमा कराई गई है।

संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की आशंका : उन्होंने कहा कि इस तरह के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से यह वाजिब आशंका पैदा होती है कि ऐसी रकम के अंतरण और उसे छिपाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणाली, डिजिटल मंच और ऑनलाइन बैंकिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया गया होगा। विधायकों ने पुलिस से आग्रह किया कि वह प्राथमिकी दर्ज करके खातों में मौजूद राशि के स्रोत, लेनदेन और भुगतान की विस्तृत जांच करें, साथ ही बैंकिंग,केवाईसी और इलेक्ट्रॉनिक अंतरण के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखे।

रिताब्रता बनर्जी ने क्या कहा? : बागी तृणमूल विधायक और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रिताब्रता बनर्जी ने कहा कि दस या उससे ज़्यादा विधायकों ने पुलिस से इन खातों की जांच करने की मांग की है, क्योंकि हमें शक है कि इनमें जमा पैसा जबरन वसूली, ‘कट-मनी’ और भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है। सरकारी कोष का गबन हुआ है या नहीं, यह बात सिर्फ जांच एजेंसियां ही पता लगा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि हमें खास तौर पर इस बात की चिंता है कि खाते में जमा धन का इस्तेमाल दिल्ली और कोलकाता के बीच विशेष उड़ानों की व्यवस्था के लिए किया गया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन खातों से लेनदेन पर रोक लगाई जानी चाहिए। बनर्जी ने हालांकि पार्टी के उन नेताओं का नाम नहीं लिया जिनकी ओर वह इशारा कर रहे थे। लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की ओर था, जिनके लिए हाल ही में दिल्ली आने-जाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई थी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधायकों का मकसद पारदर्शिता सुनिश्चित करना और यह पता लगाना है कि खातों में जमा पैसा कानूनी तरीके से इकट्ठा और इस्तेमाल किया गया है या नहीं। एक अन्य विधायक ने पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा कि हमें इन खातों या उनमें जमा रकम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए हमने पुलिस से संपर्क किया है और जांच की मांग की है। विधायकों ने अपनी शिकायतों में कहा कि इन खातों की जांच जरूरी है, क्योंकि इनके जरिए किए गए लेन-देन में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग अंतरण शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच जांच एजेंसियों को करनी चाहिए।