बिहार : नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव पर लगी रोक, सरकार गठन के बाद फरमान जारी

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पटना : बिहार के शहरी निकायों में सत्ता के विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया को फिलहाल ‘पॉज’ बटन पर रख दिया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी 264 नगर निकायों, जिनमें 19 नगर निगम भी शामिल हैं, उनमें चल रही सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों की चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करने का आधिकारिक फरमान जारी किया है। बिहार में बुधवार को नई सरकार का गठन हुआ है। पहले नगर विकास और आवास विभाग के मंत्री विजय सिन्हा थे, अब ये मंत्रालय नए सीएम सम्राट चौधरी के पास आ गया है।

विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बुधवार को एक आदेश जारी कर कहा कि ‘अपरिहार्य कारणों’ से ये कदम उठाया गया है। हालांकि, जिन निकायों में बुधवार तक चुनाव संपन्न हो चुके हैं, वहां की समितियां विधिवत कार्य करती रहेंगी। बाकी निकायों के पार्षदों को अब नई अधिसूचना का इंतजार करना होगा, जिसके बाद ही जिलाधिकारियों की देखरेख में लोकतांत्रिक प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।

विभाग की ओर से अचानक आया आदेश : नगर विकास एवं आवास विभाग के इस फैसले ने कई प्रत्याशियों और पार्षदों को चौंका दिया है। विभाग ने कहा है कि प्रशासनिक और तकनीकी कारणों का आकलन करने के बाद ही ये रोक लगाई गई है। प्रधान सचिव के निर्देशानुसार, राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना भेज दी गई है ताकि वर्तमान प्रक्रिया को तुरंत रोका जा सके।

DM की देखरेख में संपन्न होगी निर्वाचन प्रक्रिया : सशक्त स्थायी समिति का चुनाव नगर निकायों के प्रशासन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नियमों के अनुसार ये पूरी चुनावी प्रक्रिया जिलाधिकारियों की निगरानी में संपन्न होनी है। पार्षदों द्वारा सदस्यों का चुनाव निष्पक्ष रूप से सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि निकायों के विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

संशोधित समय-सीमा जल्द जारी किया जाएगा : विभाग ने 15 से 20 अप्रैल तक चुनाव कराने का निर्देश दिया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 अप्रैल किया गया था। अब इस समय-सीमा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। नई तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनावी कैलेंडर को फिर से व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि राज्य के सभी 264 निकायों में निर्वाचन सुचारू रूप से हो सके।

निर्वाचित समितियों की वर्तमान स्थिति : आदेश में ये महत्वपूर्ण बिंदु जोड़ा गया है कि जहां बुधवार तक मतदान और परिणामों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां की निर्वाचित समितियां अपना कामकाज जारी रखेंगी। उन पर इस रोक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह रोक केवल उन्हीं क्षेत्रों के लिए है जहां प्रक्रिया अभी लंबित थी या चल रही थी।