मप्र : शहडोल ट्रैफिक विभाग के हेड कांस्टेबल नप गए… रील्स के चक्कर में थे ड्यूटी से गायब, 6 मिलियन फॉलोअर्स

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शहडोल : आपने फेसबुक-इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अक्सर एक यातायात के एक प्रधान आरक्षक को लोगों को रोचक अंदाज में रोककर देने और सहज व सरल भाषा में बातचीत करते देखा होगा। ये महोदय मध्य प्रदेश पुलिस में शहडोल यातायात विभाग में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी। ड्यूटी से गायब रहने और सोशल मीडिया पर लगातार सक्रियता के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो बनाकर चर्चाओं में रहने वाले यातायात विभाग के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पर आखिरकार विभागीय कार्रवाई की गाज गिर गई, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने सामान्य सेवा शर्तों के उल्लंघन और बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया है।

ड्यूटी से नदारद, लेकिन इंस्टाग्राम पर थे ‘लगातार एक्टिव’ : शहडोल यातायात विभाग में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पिछले करीब 15 दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे, इसी दौरान वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम सहित अन्य माध्यमों पर लगातार वीडियो और रील्स बनाकर अपलोड करते दिखाई दिए। पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में बात सामने आई कि, आरक्षक शासकीय कार्य से दूरी बनाकर निजी प्रचार और व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से सोशल मीडिया गतिविधियों में सक्रिय है।

वर्दी के साथ की छेड़छाड़! मोना हटाकर बनाए वीडियो : पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विवेकानंद तिवारी द्वारा पुलिस रेग्यूलेशन 64 के अंतर्गत सेवा की सामान्य शर्तों का उल्लंघन किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वे पुलिस की निर्धारित वर्दी में नजर आ रहे थे, हालांकि कई वीडियो में उन्होंने वर्दी का मोनो हटाकर अन्य रूप में प्रस्तुति दी, जो विभागीय अनुशासन के विपरीत माना गया।।

लाखों फॉलोअर्स वाले आरक्षक के सस्पेंशन पर छिड़ी बहस : गौरतलब है कि प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे तमाम सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। एसपी द्वारा उन्हें निलंबित किए जाने के बाद से इंटरनेट पर उनके फैंस और यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है। फेसबुक पर जहां उनके चाहने वाले और फैंस इस विभागीय कार्रवाई को गलत और एकतरफा बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई जागरूक नागरिक ड्यूटी से गायब रहने और खाकी की गरिमा को रील्स के लिए इस्तेमाल करने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एसपी के इस कड़े कदम की सराहना कर रहे हैं।