पलामू : झारखंड के पलामू जिले की सातवीं कक्षा की छात्रा ललिता कुमारी की भावुक अपील पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया। छात्रा की मार्मिक अपील से व्यथित उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद ललिला के गांव पहुंच गए।
छात्रा ने अपील की थी कि हमारे पलामू के डीसी साहेब, मेरी मम्मी पापा, दूनो विकलांग हैं। देखिए डीसी साहेब मेरी फूस का घर भी टूट चुका है। खाने को घर में कुछ नहीं है.. वीडियो बनाकर ललिता ने पलामू के उपायुक्त (DC) से मदद की गुहार लगाई थी।
जैसे ही ये वीडियो उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के पास पहुंचा उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद ललिला के गांव पहुंच गए। गांव पहुंचकर डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने ललिता के परिवार की स्थिति का जायजा लिया।
वीडियो में ललिता ने बयां की थी परिवार की परेशानी : वीडियो में ललिता ने बताया कि उसके माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं और परिवार के पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं है। लगातार बारिश की वजह से उनका कच्चा मकान टूट चुका है। परिवार के सामने खाने-पीने तक की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
DC खुद पहुंचे गांव, देखा हाल : ललिता का वीडियो देखने के बाद उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मामले को गंभीरता से लिया और शनिवार को स्वयं अफसाना गांव पहुंचे। उन्होंने ललिता और उसके परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। जांच में पता चला कि ललिता के पिता चिंटू चौधरी और उसकी मां दोनों दिव्यांग हैं। परिवार में छह भाई-बहन हैं। सभी एक जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
तत्काल राहत के दिए निर्देश : परिवार की स्थिति देखकर DC ने तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। प्रशासन की ओर से परिवार को राशन उपलब्ध कराया गया ताकि उन्हें भोजन की परेशानी न हो। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परिवार को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पढ़ाई जारी रखने के लिए मिलेगा सहयोग : उपायुक्त ने ललिता से बातचीत करते हुए उसकी पढ़ाई जारी रखने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उसे साइकिल, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
DC ने बच्ची से पूछा आगे पढ़ाई कर क्या बनना चाहती हो? बच्ची ने जवाब दिया पुलिस बनना है। इस पर डीसी ने कहा कि हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पुलिस में बड़ा अफसर बनना है। मन लगाकर पढ़ाई करना। इस दौरान डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने ललिता की छोटी बहन का भी स्कूल में नामांकन करवा दिया।
