बिहार : औरंगाबाद के ‘लाल’ की बांग्लादेश बॉर्डर पर गई जान, ड्यूटी कर रहे BSF जवान पर गिरी बिजली

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औरंगाबाद : जिस जवान ने देश की सीमा की हिफाजत के लिए अपनी ड्यूटी संभाली थी उसकी शहादत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात BSF जवान जयंत सिंह उर्फ गुड्डू की ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि तेज बारिश और गर्जन के बीच यह हादसा हुआ, जिसमें जवान की जान चली गई। जबकि ड्यूटी पर जाने से ठीक पहले रात करीब 12 बजे जयंत ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।

किशनगंज सेक्टर में तैनात था जवान : दरअसल, किशनगंज सेक्टर में तैनात जयंत सिंह मंगलवार की रात ड्यूटी पर थे। तभी तेज बारिश और गर्जन के साथ बिजली चमकी और जयंत वज्रपात की चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जवान की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जयंत सिंह औरंगाबाद जिले के रजपरसा गांव के रहने वाले थे। उनके पिता अर्जुन सिंह होमगार्ड जवान हैं। बेटे के देश की सेवा में शहीद होने की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घटना के बाद बोले परिजन : परिजनों के अनुसार, जयंत सिंह की ड्यूटी रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक थी। ड्यूटी पर जाने से ठीक पहले रात करीब 12 बजे उन्होंने अपनी पत्नी मीरा सिंह से फोन पर बात की थी। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत होगी। बुधवार को BSF बटालियन की ओर से जयंत सिंह की पत्नी के मोबाइल पर फोन आया। अधिकारियों ने शुरुआत में केवल इतना बताया कि जयंत की तबीयत खराब है और उनके बेटे अभिजीत से बात कराने को कहा।

अधिकारियों से छोटे भाई ने की बातचीत : घर में मौजूद जयंत के छोटे भाई बंटी कुमार ने अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद परिवार को ऑन-ड्यूटी जवान की मौत की जानकारी दी गई। बताया गया कि ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से उनकी जान गई। जयंत सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनका 16 वर्षीय बेटा अभिजीत और 15 वर्षीय बेटी मुस्कान औरंगाबाद के मिशन स्कूल में पढ़ते हैं। पिता के शहीद होने की खबर के बाद दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जवान के घर लगी लोगों की भीड़ : शहादत की सूचना मिलते ही औरंगाबाद स्थित जयंत सिंह के आवास पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। वहीं, उनके पैतृक गांव रजपरसा में भी मातम पसरा हुआ है। बड़ी संख्या में मुहल्लेवाले परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। BSF अधिकारियों ने जानकारी दी कि जयंत सिंह का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से पटना होते हुए औरंगाबाद लाया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि देर रात या तड़के पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचेगा। इसके बाद पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाएंगे। जयंत सिंह के पिता अर्जुन सिंह खुद होमगार्ड में सेवा दे रहे हैं। बेटे के देश के लिए शहीद होने पर परिवार को गर्व है, लेकिन जवान बेटे को खोने का दर्द भी कम नहीं है।