सिरोही : सिरोही जिले की रेवदर तहसील के भटाना गांव निवासी 31 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट कोमल जैन ने आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाते हुए आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर पद से इस्तीफा दे दिया है। वे 6 मई को संयम जीवन अपनाते हुए दीक्षा ग्रहण करेंगी। कोमल जैन मंजुला और पुखराज परमार की तीन पुत्रियों में से एक हैं। उनकी दीक्षा आचार्य भगवंत गुणरत्नसूरी के शिष्य आचार्य श्री रविरत्नसूरी एवं आचार्य जयेशरत्नसूरी की निश्रा में संपन्न होगी।
परिवार के अनुसार, भटाना गांव गुजरात सीमा के निकट स्थित है और यहां से अब तक 8 लोग दीक्षा ले चुके हैं। इससे पहले 7 साध्वियां बन चुकी हैं, जो धर्म प्रभावना में सक्रिय हैं। कोमल जैन, तपस्वीरत्न साध्वी धर्मांगरेखाश्री की शिष्या बनेंगी और वे इस समुदाय की 497वीं शिष्या होंगी। दीक्षा महोत्सव के दौरान साध्वी धर्मांगरेखाश्रीजी के 100 वर्धमान तप (900 दिन) का पारणा भी आयोजित होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है। कोमल जैन ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई और बैंकिंग करियर के बावजूद उनका झुकाव जैन धर्म की ओर लगातार बढ़ता गया। उन्होंने पालीताना में उपधान के दौरान आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया, जिसके बाद उन्होंने संयम मार्ग अपनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि संसार एक सपना है और संयम का मार्ग ही सत्य का मार्ग है। कोमल ने अपने माता-पिता को श्रेय देते हुए कहा कि उन्हें बचपन से ही अच्छे संस्कार मिले, जिसने उन्हें इस मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। परिवार के सदस्यों ने भी उनके निर्णय का सम्मान करते हुए गर्व व्यक्त किया। दीक्षा महोत्सव के तहत भटाना गांव में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आचार्य भगवंतों का मंगल प्रवेश, गुरुवंदना, अभिषेक, वर्धमान तप पारणा और भक्ति कार्यक्रम होंगे। 6 मई को भव्य दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
