गुरुग्राम : सोशल मीडिया के जरिये दोस्ती कर लोगों को हनीट्रैप में फंसाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेक्टर-37 थाना पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक लैब टेक्नीशियन को बंधक बनाकर न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसकी नग्न विडियो बनाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लाख 63 हजार रुपये, स्कॉर्पियो गाड़ी और चार मोबाइल बरामद किए हैं।
युवक को हनीट्रैप के जाल में फंसाया : एक युवक ने पुलिस को बताया कि वह शहर के सेक्टर-83 स्थित एक लैब में काम करता है। 25 फरवरी को AVL 36 सोसायटी मोहम्मदपुर में ज्योति नामक महिला का ब्लड सैंपल लेने गया था। महिला ने ब्लड रिपोर्ट के लिए उसका मोबाइल नंबर ले लिया था। इसके बाद दोनों की बात होने लगी और 2 मार्च को युवक फिर से उस महिला का ब्लड सैंपल लेने गया। फ्लैट में जाने के बाद महिला ने दरवाजा खुला छोड़ दिया। तभी वहां दो युवक आए और उसके साथ मारपीट करते हुए कपड़े उतारकर नग्न विडियो बना ली। विडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और रेप के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
ऐसे पकड़ी गई ज्योति : आरोपियों ने ब्लैकमेल कर पीड़ित से करीब दो लाख रुपये वसूल लिए। वहीं आरोपी पीड़ित को अपनी स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर काफी देर तक घुमाते रहे और डर दिखाकर ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर करवाए। इसके बाद आरोपी पांच लाख रुपये और मांगने लगे। शिकायत के बाद सेक्टर-37 थाना पुलिस ने छापेमारी की और सती चौक से दो आरोपियों हरीश यादव उर्फ मोनू निवासी काहनावास, अलवर और श्याम सुंदर उर्फ अशोक निवासी महेंद्रगढ़ को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी ज्योति निवासी ताजनगर को भी दबोच लिया गया। आरोपियों का कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
