जमशेदपुर : झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जमशेदपुर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायकेला-खरसावां जिला भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान लिपिक प्रितम आचार्य और उनके सहयोगी दलाल विनय कुमार तिवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
प्रधान लिपिक ने मांगी थी 40 लाख रुपये रिश्वत की मांग : यह कार्रवाई ग्राम धुनाबुरू, थाना चौका निवासी गुरचरण सिंह सरदार की शिकायत पर की गई। आवेदक ने ACB को दिए आवेदन में बताया था कि उनकी जमीन का अधिग्रहण चांडिल अंचल के अंतर्गत किया गया है, जिसके बदले उन्हें 1 करोड़ 48 लाख 9 हजार 792 रुपये मुआवजा मिलना है। आरोप है कि इस मुआवजा राशि का भुगतान कराने के एवज में प्रधान लिपिक प्रितम आचार्य ने 40 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने अपने सहयोगी दलाल विनय कुमार तिवारी से संपर्क करने को कहा था।
सत्यापन में सही मिले आरोप : शिकायत मिलने के बाद ACB जमशेदपुर के अधिकारियों ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद 22 मार्च 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 2018 की धारा 7(ए) और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया।
योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई : इसके बाद ACB ने एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए 23 मार्च 2026 को पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये रिश्वत लेते समय दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे और रिश्वत की पूरी राशि बरामद की गई। फिलहाल ACB दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
