गाजियाबाद : यूपी में कौशांबी, मसूरी के नाहल और हापुड़ के बाद लोनी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्धों के पकड़ में आने के बाद अब यहां भी आतंकी कनेक्शन की आहट मिली है। मामले की जांच के दौरान लोनी की बॉर्डर थाना पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 1.17 लाख रुपये के पांच-पांच सौ के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
दो आरोपी दिल्ली और एक नोएडा का है। इस गैंग का लीडर झारखंड से ही पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता है। वह अपना नाम नहीं बताता है और अलग-अलग नंबर से ही कॉल करता है। गैंग का एक गुर्गा नकली नोटों को मार्केट में चलाने के लिए पहुंचा देता था। इसके एवज में 30 फीसदी मुनाफा मिलता था। एसीपी अंकुर विहार ज्ञानप्रकाश का कहना है कि गैंग के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े होने की आशंका है। जल्द और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।
आइसक्रीम वाले से मिला इनपुट : पुलिस के अनुसार, दो दिन पूर्व एक आइसक्रीम विक्रेता ने थाने में शिकायत की थी कि उसे एक व्यक्ति ने 500 का नकली नोट दिया है। पुलिस ने आइसक्रीम के ठेले के पास निगरानी शुरू कर दी। संदेह के आधार पर बेहटा के रहने वाले अभिषेक के फोन की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की। इसके बाद पुलिस ने सुबोध कुमार शाह, रोहित और मुन्ना उर्फ हरीश को हिरासत में लिया।
तीनों ने बताया कि आइसक्रीम वाले को दिया गया नकली नोट उन्हीं के गैंग से जुड़े अभिषेक ने दिया था। पुलिस अभिषेक की तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सुबोध ने बताया कि 2025 में वह दिल्ली में भी पांच लाख के नकली नोटों के साथ पकड़ा जा चुका है। उसके गैंग लीडर का नाम खैरुल इस्लाम था, जो अभी जेल में है।
इनाम भी मिलता था : आरोपियों ने बताया कि लोकल स्तर पर सक्रिय लोगों को गैंग लीडर ने नाम नहीं बता रखा है। उन्हें बस इतना पता था कि वह झारखंड का निवासी है। वह अलग-अलग नंबरों से संपर्क करता है। अभिषेक उर्फ गज्नू नोएडा में रहने वाले मुन्ना के यहां काम करता था। वहीं से मुन्ना और उसके साथियों ने अभिषेक को 20 हजार रुपये के नकली नोट मार्केट में खपाने के लिए दिये थे। बाद में बड़ी डील देने का लालच दिया गया था। आरोपियों ने बताया कि 50 हजार के नकली नोट खपाने पर 15 हजार रुपये का इनाम मिलता था।
