झारखंड : चतरा में रिटायर हुए कर्मी को गाड़ी से घर छोड़ने गए एसडीओ, विदाई समारोह को बनाया यादगार..

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चतरा : झारखंड के चतरा अनुमंडल कार्यालय में आयोजित विदाई समारोह में भावुक और प्रेरणादायक कार्यशैली से एसडीओ जहुर आलम ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की नई मिसाल पेश की है। अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम की उपस्थिति में अनुसेवक रामबत रविदास को उनकी सेवानिवृत्ति पर कार्यालय परिसर में सम्मान पूर्वक विदाई दी गई।

समारोह के दौरान रविदास को एसडीओ व अन्य कार्यालय कर्मियों नें प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही वर्षों की निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के लिए अधिकारी और कर्मचारियों ने सेवानिवृत कर्मी की सराहना की।

कार्यक्रम का सबसे खास और भावुक क्षण तब आया, जब विदाई के बाद एसडीओ खुद अपनी सरकारी गाड़ी से रिटायर्ड फोर्थ ग्रेड कर्मी रामबत रविदास को उनके घर तक छोड़ने गए। एसडीओ के इस कदम ने जहाँ उनके अधीनस्थ चतुर्थवर्गीय कर्मी के रिटायरमेंट को यादगार बना दिया, वहीं मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों व अन्य लोगों को भावुक भी कर दिया।

एसडीओ नें यह कदम उठाकर न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था में मानवीय मूल्यों की एक मजबूत छाप छोड़ी, बल्कि अपनी कार्यशैली से चतरा में चर्चा का विषय बन चुके हैं। कार्यालय से घर तक छोड़ने के दौरान एसडीओ और सेवानिवृत्त कर्मी के बीच गाड़ी में आत्मीय बातचीत भी हुई, जिसने कर्मी के इस खास पल को और भी यादगार बना दिया।

स्थानीय लोगों ने भी एसडीओ जहुर आलम के इस पहल की जमकर सराहना की और इसे आज के दौर में दुर्लभ उदाहरण बताया। मौके पर एसडीओ नें कहा कि निष्ठावान और ईमानदार कर्मचारी किसी भी कार्यालय की रीढ़ होते हैं। सेवा समाप्त होने के बाद भी सम्मान उनका अधिकार है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें वही आदर दें, जिसके वे सच्चे हकदार हैं।

अनुमंडल पदाधिकारी के इस अनोखी पहल ने न केवल कार्यालय के माहौल को सकारात्मक बनाया, बल्कि पूरे जिले में एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया कि प्रशासनिक पदों पर रहते हुए भी संवेदनशीलता और मानवीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सकती है।