नेपाल : बालेन सरकार को सुप्रीम कोर्ट का झटका, 100 रुपये से ज्यादा कीमत के सामानों पर रोकी कस्टम ड्यूटी

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नई दिल्ली/काठमांडू : नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने नेपाल-भारत सीमा पर कस्टम ड्यूटी वसूलने के बालेन शाह सरकार के विवादित फैसले पर रोक लगा दी है। बालेन शाह की सरकार के आदेश के तहत नेपाली अधिकारी भारतीय सीमा के रास्ते आने वाले महज 100 रुपये से ज्यादा कीमत के रोजमर्रा के इस्तेमाल पर भारी सीमा शुल्क वसूल रहे हैं। जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की एक संयुक्त पीठ ने शुक्रवार को इस मामले में एक अंतरिम आदेश जारी किया।

नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने कस्टम ड्यूटी रोकी : सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिपरिषद, वित्त मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अगले आदेश तक इस विवादित प्रावधान को लागू न करें। नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश एक रिट याचिका के जवाब में जारी किया, जिसमें वित्त मंत्रालय के फैसले को चुनौती दी गई थी।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि 100 रुपये से ज्यादा कीमत के सामान पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) लगाने की नीति कस्टम एक्ट 2024 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को सुनने के बाद फैसले पर रोक लगा दी और अदालत का अंतिम फैसला आने तक स्थिति को पूर्व की तरह रखे जाने का निर्देश दिया।

बालेन शाह के फैसले का हो रहा था विरोध : इससे पहले बालेन की सरकार बनने के बाद वित्त मंत्रालय ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत के सामान पर कस्टम ड्यूटी अनिवार्य कर दी थी। काठमांडू के इस आदेश ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कस्टम चौकियों पर अजीब स्थिति पैदा कर दी थी। नेपाल में बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की जरूरतों का छोटा सामान लेने के लिए सीमा पर स्थित भारतीय बाजारों में आते रहे हैं, लेकिन इस कदम के बाद नेपाली अधिकारियों ने सामान की जांच कड़ी कर दी थी।

नेपाली अधिकारी चिप्स के पैकेट, मसाले और बिस्किट जैसी छोटी-छोटी चीजों पर सख्ती बरत रहे थे। इस कदम का तराई-मधेस क्षेत्र में जनता की तरफ से भारी विरोध हो रहा था। कई सीमा चौकियों पर लोगों और अफसरों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो रही थी। इस अंतरिम आदेश ने बालेन शाह सरकार को अंतिम फैसला आने तक इस तरह की ड्यूटी वसूलने से रोक दिया है।