झारखंड : JAC ने जारी किया दसवीं का परिणाम, गुमला राज्य में पहले स्थान पर और चतरा अंतिम पायदान पर

JAC-10th-Board-Result

रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने गुरुवार को मैट्रिक (10वीं) बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार राज्य का कुल परिणाम 95.27 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। परिणामों में गुमला जिला शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.32 प्रतिशत सफलता दर के साथ पूरे राज्य में पहले स्थान पर रहा, जबकि चतरा जिला 91.20 प्रतिशत परिणाम के साथ अंतिम पायदान पर रहा।

चार छात्रों ने किया टॉप : प्रियांशु कुमारी (हजारीबाग), शिवांगी कुमारी (सिमडेगा), प्रेम कुमार साहू (रांची) और सन्नी कुमार वर्मा (रांची) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 498 अंक हासिल किए और राज्य में संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया।

बड़ी संख्या में सफल हुए छात्र : जैक द्वारा फरवरी और मार्च में आयोजित 10वीं बोर्ड परीक्षा में पूरे राज्य से कुल 4 लाख 22 हजार 109 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से 4 लाख 2 हजार 178 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इस साल बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की, जो शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत माना जा रहा है।

टॉपर सूची में हजारीबाग की छात्राओं का दबदबा : इस बार टॉप करने वाले छात्रों में हजारीबाग स्थित इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला। स्कूल की कई छात्राओं ने उच्च अंक हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।

गुमला जिला रहा अव्वल : गुमला जिले में कुल 13,760 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 13,667 विद्यार्थी सफल रहे। वहीं ,चतरा जिले में 17,577 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन उनमें से 16,031 छात्र ही पास हो सके, जिससे यह जिला परिणाम के मामले में सबसे नीचे रहा।

वहीं, दूसरे स्थान पर 496 अंक (99.20%) और तीसरे स्थान पर 494 अंक (98.80%) हासिल करने वाले कई छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन टॉपर्स में गुमला और हजारीबाग जिलों के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। प्रमंडलवार परिणामों की बात करें तो कोल्हान प्रमंडल 96.32 प्रतिशत सफलता दर के साथ सबसे आगे रहा, जबकि संथाल परगना 96.25 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा दक्षिणी छोटानागपुर, उत्तरी छोटानागपुर और पलामू प्रमंडलों का परिणाम भी 94 प्रतिशत से अधिक रहा, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन माना जा रहा है।

लड़कियों ने फिर दिखाया दम : इस वर्ष भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ दिया। लड़कियों का पास प्रतिशत 95.51 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 95.01 प्रतिशत दर्ज किया गया। हालांकि, संथाल परगना प्रमंडल में लड़के थोड़े अंतर से आगे रहे।

वर्गवार परिणाम भी उत्साहजनक : वर्गवार प्रदर्शन में पिछड़ा वर्ग (BC) 96.42 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर रहा। इसके बाद अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (MBC) का परिणाम 95.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। सामान्य वर्ग का पास प्रतिशत 94.85 और अनुसूचित जाति (SC) का 93.40 प्रतिशत रहा। कुल मिलाकर, इस वर्ष का परीक्षा परिणाम राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार और छात्रों की मेहनत को दर्शाता है।