चतरा : झारखंड में चतरा जिले के कुंदा प्रखंड के टिकू लियातंड गांव की एक प्रेग्नेंट महिला को कथित तौर पर बाइक पर हॉस्पिटल ले जाना पड़ा, क्योंकि सरकारी एम्बुलेंस एक शादी पार्टी को ले जा रही थी। इसके दो दिन बाद उपायुक्त रवि आनंद ने एसडीओ जहूर आलम की अगुवाई में एक कमेटी बनाई, जो इस घटना की जांच करेगी।
लेबर पेन के बाद बाइक से अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी : बताया जा रहा है कि संजू देवी (28) को शनिवार रात लेबर पेन हुआ। महिला के परिजनों ने सहिया (आशा वर्कर) के जरिए सरकारी ममता वाहन एम्बुलेंस कंट्रोल रूम से कॉन्टैक्ट किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि एम्बुलेंस एक शादी की बारात के लिए बुक की गई है। कोई और ऑप्शन न होने परिजन महिला को मोटरसाइकिल पर 3 किमी दर कुंडा प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) ले गए।
अस्पताल का मेन गेट बंद मिला : महिला संजू देवी के पति सुमन भारती उस दिन काम के लिए दूसरे गांव गए हुए थे। परिवार शनिवार देर रात किसी तरह से पीएचसी पहुंचने में कामयाब रहे,लेकिन अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को एक और परेशानी का सामना करना पड़ा। पीएचसी का मुख्य दरवाजा बंद था, जिसे उन्हें खुद खोलना पड़ा। अस्पताल में सिर्फ एएनएम मौजूद थीं।
जानकारी के अनुसार, आउटसोर्सिंग पर नियुक्त कई कर्मचारी हाजिरी बनाकर गायब थे। मामला सामने आने के बाद चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने कड़ी नाराजगी जताई है।
डीसी ने मामले में जांच के आदेश दिए : एम्बुलेंस के गलत इस्तेमाल को बड़ी चूक बताते हुए डीसी रवि आनंद ने कहा कि जवाबदेही तय करने के लिए घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एंबुलेंस नर्स मिडवाइफ (एएनएम) अस्पताल में मौजूद थी, जबकि डॉक्टर और दूसरा स्टाफ़ गायब था। कई आउटसोर्स कर्मचारियों ने हाजिरी दी थी लेकिन वे ड्यूटी से गायब थे। बाद में उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
