बंगाल : चुनाव के बाद भी CAPF की 700 कंपनियां बंगाल में ही रहेगी, दूसरे चरण में 92.01% मतदान

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 142 सीटों पर मतदान कराए गए। बंगाल की जनता ने कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच दूसरे चरण में 1,448 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद कर दी। कुछ जगहों से टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प की खबरें भी आईं। शाम पांच बजे तक 89.99 फीसदी मतदान हुआ। चुनाव आयोग की ओर से आंकड़े जारी किए जाने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत में बदलाव हो सकता है।

उत्तर 24 परगना में मतदान के बाद बवाल, भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान खत्म होते ही उत्तर 24 परगना के अरबिंद रैल इलाके में भारी हिंसा भड़क गई। यहां बूथ नंबर 120 पर टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई। इस झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर है। हिंसा की सूचना मिलते ही भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है।

नोआपाड़ा में भाजपा उम्मीदवार बोले- काउंसलर के पति डाल रहे फर्जी वोट : नोआपाड़ा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने मतदान के अंतिम घंटों में गंभीर धांधली का आरोप लगाया है। अर्जुन सिंह के अनुसार, एक स्थानीय पार्षद के पति ने फर्जी तरीके से चार बूथों के कार्ड बनवा लिए हैं और वह जबरन मतदान केंद्रों में घुसकर वोट डाल रहा है। सिंह ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद पीठासीन अधिकारी सब कुछ देखकर भी चुप हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करने की बात कही है। भाजपा नेता ने दावा किया कि उनके समर्थकों को डराया जा रहा है ताकि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।

बंगाल में मतदान के बाद भी पहरा, तैनात रहेंगी सुरक्षा बलों की 700 कंपनियां : पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न होने के बाद भी राज्य में सुरक्षा चाक-चौबंद रहेगी। चुनाव आयोग की तैनाती योजना के अनुसार, आज पोलिंग खत्म होने के बाद भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 700 कंपनियां राज्य में ही रुकी रहेंगी। ये कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की ड्यूटी संभालेंगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक ये बल बंगाल में तैनात रहेंगे ताकि चुनावी नतीजों से पहले और बाद में किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को रोका जा सके। यह फैसला राज्य के संवेदनशील माहौल को देखते हुए लिया गया है।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा : मुख्यमंत्री और भवानीपुर से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी ने अपनी जीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने फेसबुक के जरिए दावा किया कि उनके पास मौजूद जानकारी के अनुसार भाजपा बंगाल में हार की कगार पर है। ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में दो-तिहाई बहुमत के साथ फिर से अपनी सरकार बनाने जा रही है। मतदान के बीच आए मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता का भरोसा एक बार फिर टीएमसी के साथ है।

वर्धमान में मतदान के बीच मिले बम, NIA और CID की टीमें जांच में जुटीं : पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के दौरान पूर्व वर्धमान जिले के बिरुरी प्राथमिक विद्यालय के पास बम मिलने से हड़कंप मच गया। मतदान केंद्र के पास बम की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल अलर्ट हो गए और एनआईए, सीआईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने बमों को कब्जे में लेकर इलाके को सुरक्षित कर लिया है। चुनाव के बीच इस घटना से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, हालांकि प्रशासन ने भारी सुरक्षा तैनाती के बीच मतदान जारी रखा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने के लिए ये बम यहां किसने रखे थे?

कांग्रेस सांसद राजेश ठाकुर बोले- बंगाल में हिंसा दुखद : पश्चिम बंगाल चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद राजेश ठाकुर ने राज्य की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की सख्ती के दावों के बावजूद बंगाल में हिंसा और अफरातफरी का माहौल दिख रहा है, जो बेहद दुखद है। ठाकुर ने टीएमसी और भाजपा दोनों के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एग्जिट पोल सिर्फ नाम के होते हैं। उनके अनुसार, असली जनादेश चार मई को ही सामने आएगा, जब जनता का फैसला सबके सामने होगा। सांसद ने संकेत दिया कि शोर-शराबे से अलग मतदाता शांति से अपना निर्णय ले चुका है।

ममता बनर्जी का बड़ा आरोप : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर में वोट डालने के बाद सुरक्षाबलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कल रात से ही उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। ममता ने इसे अदालत की अवमानना करार देते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा लोकतंत्र कभी नहीं देखा। मुख्यमंत्री का आरोप है कि बूथों पर राज्य पुलिस नहीं है और CRPF ने सब कब्जा कर लिया है। उन्होंने तंज कसा कि सेना को बॉर्डर सुरक्षित करना चाहिए, लेकिन वे एक खास राजनीतिक दल की मदद कर रहे हैं। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने दावा किया कि जीत तृणमूल कांग्रेस की ही होगी।