देवघर : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। बुधवार को उद्घाटन समारोह में राज्य सरकार, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप दिया। गुरुवार 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास की शुरुआत के साथ ही इस बार एक महीने में करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के बाबाधाम पहुंचने की उम्मीद है। इस बार देवघर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की ओर से कई विशेष इंतजाम किए गए हैं।
श्रावणी मेला 2026 के शुरुआत पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडे सिंह, विधायक सुरेश पासवान, देवेंद्र कुंवर, चुन्ना सिंह और मेयर रवि राउत सहित जिले के वरीय अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम : इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के अवसर पर देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को और बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मेले को स्वच्छ बनाने में सभी सहयोग करें -दीपिका पांडेय : मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि श्रावणी मेला केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी महापर्व है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि इस वर्ष का मेला पिछले वर्षों से अधिक सुव्यवस्थित और भव्य हो। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना है कि देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों। दीपिका पांडेय सिंह ने सभी से अपील की कि मेले को स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाने में अपना सहयोग दें।
पूजा सामग्री के लिए सखुआ के पत्तों के दोने और मिट्टी के बर्तनों का अधिक से अधिक उपयोग करें। यह अभियान हमारे स्वास्थ्य, पर्यावरण और झारखंड के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। -दीपिका पांडेय सिंह,मंत्री
क्यू कॉम्प्लेक्स में ‘अमानती सामान घर’ की सुविधा : इससे पहले क्यू कॉम्प्लेक्स में ‘अमानती सामान घर’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके अलावा, रहने, भोजन-पानी और चिकित्सा को लेकर भी कई तैयारियां की गई है।
अमानती सामान घर की मुख्य विशेषताएं :
- निःशुल्क व्यवस्था: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह अमानती सामान घर पूरी तरह से निःशुल्क संचालित किया जाएगा।
- सुरक्षित व्यवस्था: यहां श्रद्धालुओं का सामान पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे वे बिना किसी चिंता के बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर सकेंगे।
- सुगम प्रक्रिया: सामान जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं का समय बर्बाद न हो।
