Census 2027 : झारखंड में 1 से 15 मई तक स्व गणना… कार्य में लगेंगे 78000 अधिकारी-कर्मचारी

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रांची : भारत की जनगणना 2027 देश के कई राज्यों में शुरू हो चुकी है। देश में पहली बार डिजिटल गणना कार्य होगा। इसके तहत पहले चरण का काम झारखंड में एक मई से शुरू हो जाएगा। एक से 15 मई तक स्व गणना का कार्य होगा। इसके तहत लोग खुद अपना विस्तृत ब्यौरा 33 बिंदुओं पर ऑनलाइन भर सकेंगे।

स्व गणना के लिए वेबसाइट में 16 भाषा : आम लोग स्व गणना वेबसाइट https://se.census.gov.in पोर्टल में जा कर भर सकेंगे। इसमें 16 भाषा उपलब्ध होगा। लोग पोर्टल में जाकर जानकारी भर सकते हैं। जानकारी भरने पर उन्हें स्वा गणना का आइडी प्राप्त होगा। उसे सुरक्षित रखना होगा। जो नहीं भरे जा सकेंगे, उसे छोड़ लें। मकान गणना के दौरान जनगणनाकर्मी को केवल आइटी देना है, वो उसे भर देंगे।

स्व गणना ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं : स्व गणना ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा की जो लोग ऑनलाइन जानकारी भरने से छूट जाएंगे, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जनगणना कर्मी मकान गणना के क्रम में आएंगे, उस दौरान सारी जानकारी भर सकेंगे। प्रभात कुमार, प्रभात कुमार, जनगणना निदेशालय रांची

16 मई से 14 जून तक मकानों की गणना : प्रभात कुमार ने बताया 16 मई से 14 जून तक मकानों की गणना और मकान सूचीकरण कार्य होगा। इस दौरान जनगणना लोगों के घर पहुंचेंगे और सारी जानकारियां इकट्ठा करेंगे। पक्का मकान, कच्चा मकान, नाली की व्यवस्था, टीवी, फ्रीज इस्तेमाल, पानी की व्यवस्था शौचालय का प्रबंध समेत अन्य जानकारियां ली जाएगी।

फरवरी 2027 में दूसरे चरण में जातिगत जनगणना संभव : जनगणना का दूसरा चरण नौ फरवरी 2027 से शुरू होगा, जो 28 फरवरी की मध्य रात्रि तक होगा। इसमें लोगों की गणना होगी। पहले चरण के गणना में एसटी और एससी के आंकड़े दर्ज होंगे। वहीं दूसरे चरण में जातिगत जनगणना की भी संभावना है।

जालसाजी से भी सतर्क रहने की सलाह : जनगणना निदेशालय की ओर से आमलोगों को इस कार्य के लिए सतर्क रहने का सुझाव दिया है। उन्होंने आज के समय में हो रहे जालसाजी से बचने के लिए स्पष्ट कहा कि लोग किसी भी हाल में इस कार्य से संबंधित ओटोपी शेयर न करें। इतना हीं जनगणनाकर्मी घर आए, तो उनका आइडी कार्ड जरूर देखें।

78000 अधिकारी और कर्मचारी लगेंगे गणना कार्य में : राज्य में जनगणना कार्य में करीब 78000 अधिकारी और कर्मचारी लगाया जा रहा है। सभी उपायुक्तों, नगर-निगम आयुक्तों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, नगर निकायों के अधिकारियों और क्षेत्र प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।