विदेशी फंडिंग पर केंद्र सरकार ने कसा शिकंजा… गृह मंत्रालय ने लॉन्च किया FCRA 2.0 और e-OCI सिस्टम

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नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी फंडिंग को पारदर्शी बनाने और उसके संभावित खतरे को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इस सिलसिले में गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एफसीआरए पोर्टल और ई-OCI कार्ड के नए संस्करण की शुरुआत की. इस सुविधा के बारे में देशवासियों को जानकारी देते हुए अमित शाह ने कहा, दोनों नई सुविधाओं से देश के नागरिकों को आसानी होगी. उनकी सुविधाओं में इजाफा होगा और नए पोर्टल के जरिए विदेशी दान प्राप्त करने वालों के रास्ते में आने वाली सभी परेशानियां दूर होंगी.

गृह मंत्री ने शाह ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आवेदनों की संख्या और विदेशी दान के प्रवाह में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. FCRA कानून के कारण गलत इरादों से आने वाले विदेशी योगदान की निगरानी और मजबूत होगी.

कार्ड और पोर्टल लॉन्च करने के बाद अपने संबोधन में शाह ने यह भी कहा कि 2014 से पहले एफसीआरए व्यवस्था फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझी हुई थी और इस काम में उचित निगरानी व्यवस्था का अभाव था, जबकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास दोनों के लिए बेहद जरूरी था.

‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ : शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इस व्यवस्था को मजबूत किया गया. पदभार संभालते ही पीएम मोदी ने स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत पर काम करेगी.

अमित शाह ने कहा, ‘जब इरादा साफ हो, नीति पारदर्शी हो और तकनीक को अपनाने की सोच हो, तो ईमानदार लोगों के लिए शासन की हर प्रक्रिया आसान हो जाती है. गलत काम करने वालों के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाती है और देश को लगातार ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है.’

संगठनों के कामकाज में आसानी होगी : उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई दोनों नई पहल नागरिकों की सुविधा बढ़ाने में बेहद लाभकारी साबित होंगी. ये नई व्यवस्थाएं नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगी और खास तौर पर FCRA पोर्टल के माध्यम से विदेशी दान प्राप्त करने वाले संगठनों की समस्याओं का समाधान करेंगी. आज FCRA पोर्टल के नवीनीकरण से संगठनों के कामकाज में आसानी काफी बढ़ेगी.

गृह मंत्री ने कहा कि कागजी कार्यवाही को कम करना और विदेशी योगदान की प्रभावी रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करना देश की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

नई व्यवस्था में कैसे हैं इंतजाम? : अमित शाह ने बताया कि नई व्यवस्था शुरू होने के बाद दस्तावेजों को भौतिक रूप से जमा करने की जरूरत खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण, ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और एनजीओ दर्पण बैंक अकाउंट इंटीग्रेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

उन्होंने कहा कि पूरा डेटा ‘मेघराज’ (सरकारी क्लाउड) पर होस्ट किया जाएगा, जिससे डेटा चोरी की संभावना काफी कम हो जाएगी. इसके साथ ही आने वाले महीनों में FCRA मोबाइल एप्लिकेशन, AI आधारित चैटबॉट और बैंकों के लिए एक विशेष ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा.

गृह मंत्री ने कहा कि OCI सिस्टम में पहले जो शुरुआती समस्याएं थीं, उन्हें नई e-OCI 2.0 कार्ड व्यवस्था के जरिए दूर कर दिया गया है. इससे 50 लाख से ज्यादा OCI कार्डधारकों को बड़ी सुविधा मिलेगी.

क्या है ई-ओसीआई कार्ड? : इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ई-ओसीआई) कार्ड एक प्रमुख नागरिक-केंद्रित पहल है, जिसका उद्देश्य पूर्णतः डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए ओसीआई सेवाओं को रूपांतरित करना है.

इस प्रणाली के तहत आवेदक पूरी ओसीआई प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं. जिसमें आवेदन प्रस्तुत करना, सहायक दस्तावेज अपलोड करना और स्वीकृति के बाद डिजिटल रूप से तैयार कार्ड डाउनलोड करना. मौजूदा कार्डधारक अधिकांश मामलों में नए आवेदन या भौतिक सत्यापन के बिना ही अपना ई-ओसीआई कार्ड डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकते हैं.

अब 20 साल बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर OCI बुकलेट को दोबारा जारी कराने की जरूरत नहीं होगी और कार्डधारक का रजिस्ट्रेशन नंबर भी यूनिक होगा. डिजिटल OCI कार्ड आने से दस्तावेजों के खोने या खराब होने की समस्या खत्म होगी. इस सुविधा के तहत कार्डधारक खुद अपना रियल टाइम वेरिफिकेशन कर सकेंगे.