झारखंड : असम पहुंचकर हेमंत सोरेन ने हिमंत बिस्वा को दी चुनौती, बोले-प्रवासी आदिवासियों के साथ भेदभाव

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रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हेमंत सोरेन को सत्ता से बेदखल करने रांची में कई दिनों तक डेरा जमाए रखा था। उस वक्त हेमंत सोरेन ने हिमंत बिस्वा सरमा को समय आने पर इसका जवाब देने की बात कही थी। इस वादे को पूरा करने के लिए हेमंत सोरेन ने रविवार को असम में चुनाव अभियान की शुरुआत की और हिमंत बिस्वा सरमा को उनके घर में जाकर चुनौती दी। हेमंत सोरेन आज असम आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित आदिवासी महासभा को संबोधित करने तिनसुकिया पहुंचे थे।

प्रवासी आदिवासियों के साथ भेदभाव का आरोप : हेमंत सोरेन ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर बना नाम लिये खूब निशाना साधा। हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां आदिवासी समाज को बांटने का काम किया गया है। प्रवासी आदिवासियों के साथ भेदभाव किया गया है। एसटी और टी ट्राइब के नाम पर आदिवासी समाज को बांटा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में असम में विधानसभा का चुनाव होगा। चुनाव में 5 सालों का हिसाब होता है जनता उनसे हिसाब लेगी। चुनाव कब होगा ये हमें पता नहीं, आपको भी पता नहीं है लेकिन जो सत्ता में बैठे हुए है उन्हें जरूर पता होता है। एसआईआर के नाम पर वोट चोरी नहीं बल्कि वोट डकैती की जा रही है। झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के आये प्रवासी लोगों के साथ असम में अन्याय किया जाता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत देश में रहते हुए असम के आदिवासी अपना हक अधिकार अपना मान्यता के लिए संघर्ष कर रहा है। ये तो बड़ी विचित्र बात है।

देश की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं : हेमंत सोरेन ने कहा कि आज जो लोग देश और असम में सत्ता है। ये सामाजिक लोग नहीं है। ये लोग व्यापारी व्यापारी है। उन्होंने कहा कि एक बहुत बड़ा विद्वान व्यक्ति था चाणक्य। चाणक्य कहते थे कि जिस देश का राजा व्यापारी होगा, उस देश की प्रजा भिखारी होगी। आज देश की अर्थव्यवस्था का जो हालत है, ये किसी से छिपा नहीं है। आज रुपया उल्टा पैर खड़ा है, सिर के पैर खड़ा है। देश दुनिया में रुपया का वैल्यू घट गया है। अभी देश के अंदर सिर्फ गुब्बारा के जैसा हवा भरा हुआ है। देश की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। आज महंगाई आसमान छू रहा है। जूता, चप्पल, नमक, तेल, लिखाई-पढ़ाई का कागज और कलम सब महंगा हो गया है।

महंगाई कम नहीं हुई : सीएम हेमंत सोरेन ने कहा – ‘महंगाई कम करने के नाम पर ये लोग सत्ता में आ गए थे। लेकिन महंगाई कम नहीं हुई। ये लोग सत्ता में कितना झूठ बोल कर आये है। बोले थे सब के खाते में 15 लाख आएगा। आया क्या? बल्कि जितना घर में पैसा था नोटबंदी करके सब निकाल लिया गया। इसको कहते आर्थिक मार, और आर्थिक स्थिति किसी भी घर का रीड का हड्डी होता है। किसी भी आदमी का रीड का हड्डी निकाल दीजिए, तो खड़ा नहीं हो पाएगा, गिर जाएगा तड़प से। यही नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई उसी का कारण है। आपके जेब में एक रुपया भी ना बचे। और ऐसे-ऐसे कानून बनाते हैं।’

सभा के खत्म होने पर हेमंत सोरेन जिंदाबाद और आदिवासी समाज का नेता कैसा हो, हेमंत सोरेन जैसा हो के नारे लगे। माना ये जा रहा है कि जेएमएम की ओर से इस साल के अंत में होने वाले असम विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार मैदान में उतारा जाएगा।