झारखंड : रांची-टाटा और मुरी-बरकाकाना रूट होगा अपग्रेड, रेलवे ने भेजी 847.89 करोड़ की रिपोर्ट

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रांची : झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। रांची से टाटा और दिल्ली की यात्रा आने वाले समय में न सिर्फ हाई-स्पीड होगी, बल्कि इसमें लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। मुरी-चांडिल रेलखंड के 58 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोहरीकरण की योजना अंतिम चरण में है। रेलवे ने इसके लिए करीब 847.89 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर मंजूरी के लिए रेलवे मुख्यालय भेज दी है। इस ट्रैक के अपग्रेड होने से ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी, जिससे रांची और टाटा के बीच का सफर 45 मिनट से लेकर 2 घंटे तक कम हो जाएगा।

160 की रफ्तार से होगी समय की बचत : फिलहाल, रांची से टाटा के बीच की 166 किलोमीटर की दूरी तय करने में मेल-एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को तीन से पांच घंटे का समय लग जाता है। मुरी-चांडिल लाइन का दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनें 120 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की सेमी-हाई स्पीड से दौड़ सकेंगी। गति बढ़ने से यात्रियों के 45 मिनट से लेकर दो घंटे तक बचेंगे और सफर बेहद सुगम हो जाएगा।

हावड़ा-मुंबई नेटवर्क से सीधा कनेक्शन : ये नई दोहरीकरण लाइन आगे चलकर रेलवे द्वारा बनाई जा रही थर्ड और फोर्थ लाइन से जुड़ जाएगी। इसके परिणामस्वरूप रांची-मुरी-चांडिल लाइन सीधे देश के मुख्य हावड़ा-मुंबई रेल नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएगी। इस कनेक्टिविटी से न केवल क्षेत्र में ट्रेनों की संख्या और उनकी गतिविधियों में इजाफा होगा, बल्कि यात्रियों को लंबी दूरी के सफर के लिए कई वैकल्पिक ट्रेनों की उपलब्धता भी आसानी से मिल सकेगी।

इल्लू से सिल्ली के बीच नया बाईपास : इस पूरी रेल परियोजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। वर्तमान में टाटा जाने वाली ट्रेनों के इंजन को मुरी स्टेशन पर मोड़ना (रिवर्स करना) पड़ता है, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है। इस समस्या को खत्म करने के लिए परियोजना के तहत ‘इल्लू से सिल्ली’ के बीच एक नया रेलवे बाईपास बनाया जाएगा। बाईपास बनने से ट्रेनें बिना मुरी रुके सीधे टाटा की ओर निकल जाएंगी, जिससे यात्रा समय में भारी कटौती होगी। इस बदलाव से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों का परिचालन बिना किसी बाधा के बेहद सुचारू रूप से हो सकेगा।

मुरी-बरकाकाना लाइन का भी होगा कायाकल्प : मुख्य परियोजना के साथ ही रेलवे ने मुरी-बरकाकाना रेल लाइन के दोहरीकरण की भी पुख्ता तैयारी कर ली है। इसकी अंतिम डीपीआर रिपोर्ट भी रेल मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। इस योजना के तहत कुल 60 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाना है, जिसकी अनुमानित निर्माण लागत 853 करोड़ रुपए तय की गई है। इस रूट के डबल होने और दिल्ली लाइन से जुड़ने के बाद दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों की रफ्तार में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।