बंगाल : हावड़ा के टिकियापाड़ा में बुलडोजर एक्शन, रेलवे की जमीन पर अवैध झुग्गियों और दुकानों को गिराया

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बुलडोजर एक्शन जारी है। इस बार रेलवे अधिकारियों ने न सिर्फ अवैध दुकानों को बल्कि झुग्गी-झोपड़ियों को भी गिरा दिया। मंगलवार सुबह-सुबह टिकीयापारा बाईपास के पास वाले इलाके में बुलडोजर पहुंचे और अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू हुआ। इस ऑपरेशन में पुलिस और केंद्रीय बलों की बड़ी टुकड़ी भी साथ थी। एक घंटे के अंदर पूरे इलाके को झुग्गी-झोपड़ियों और दुकानों से खाली करा लिया गया।

100 परिवारों ने किया था अवैध कब्जा : पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, टिकीयापारा से हावड़ा तक जाने वाली पटरियों के किनारे साउथ ईस्टर्न रेलवे की जमीन का एक बड़ा हिस्सा है। हालांकि लंबे समय से लगभग 100 परिवार इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे थे। रेलवे का दावा है कि कब्जा करने वालों को जमीन खाली करने के लिए बार-बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

फोर्स की मौजूदगी में एक्शन : नतीजतन, जमीन वापस लेने के लिए आज सुबह पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान बुलडोजर के साथ पहुंचे। शुरू में लाउडस्पीकर से घोषणाएं करके अवैध कब्जा करने वालों से जगह छोड़ने का आग्रह किया गया। उन्हें साफ तौर पर निर्देश दिया गया कि वे स्टेशन परिसर में अवैध रूप से बनाई गई झुग्गी-झोपड़ियों को तुरंत हटा लें और उन्हें ऐसा करने के लिए कुछ समय भी दिया गया। हालांकि इसका कोई असर नहीं हुआ। बताया जाता है कि लोग खुद आगे नहीं आए और न ही उन्होंने अपने ढांचों को हटाया।

झुग्गी-झोपड़ियों को गिराया : इसके बाद बुलडोजर आगे बढ़े और झुग्गी-झोपड़ियों को गिरा दिया। वहां मौजूद कई दुकानों को भी ढहा दिया गया। इस अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे इलाके को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया था। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टिकीयापारा में पटरियों के किनारे बड़े नाले हैं और झुग्गी-झोपड़ियां सीधे उन्हीं के ऊपर बनाई गई थीं। इससे मानसून के दौरान नालों की सफाई नहीं हो पाती थी, जिससे पटरियों पर पानी जमा हो जाता था और ट्रेन सेवाएं बाधित होती थीं। अधिकारी अब इन नालों की सफाई करना चाहते हैं, जिसके कारण झुग्गी हटाने का यह अभियान चलाया गया।

यहां भी चला अभियान : रेलवे ने पहले भी हावड़ा और सियालदह स्टेशनों के साथ-साथ दम दम, हाबरा और जादवपुर में अवैध कब्जे के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और इसी तरह के हटाने के अभियान चलाए हैं। कुछ यात्रियों ने स्टेशन परिसर से अवैध दुकानों को हटाए जाने पर संतोष व्यक्त किया है। उनके अनुसार, इससे फेरीवालों की समस्या पर कुछ हद तक रोक लगेगी। स्टेशन परिसर ज़्यादा खुला-खुला हो जाएगा और भीड़-भाड़ वाले समय में आना-जाना आसान हो जाएगा। हालांकि, यह पहली बार है जब झुग्गी-झोपड़ियों को इस तरह हटाया गया है। कुछ झुग्गी-बस्ती में रहने वालों का आरोप है कि यह बेदखली अभियान गैर-कानूनी है। उनका कहना है कि उनसे उनके सिर से छत छीन ली गई है।