यूपी : मुजफ्फरनगर में सतपाल उर्फ सत्तू हुआ ढेर, नाबालिग लड़कियों को अगवा कर दुष्कर्म करता था

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मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर पुलिस और SOG टीम से हुई मुठभेड़ में चार राज्यों का वांटेड, 25 हजार रुपये का इनामी और नाबालिग लड़कियों के अपहरण व दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में लिप्त कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू ढेर हो गया। सोमवार देर रात मुजफ्फरनगर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसका इलाज चल रहा था, लेकिन मंगलवार को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, सतपाल पिछले चार महीनों में 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनके साथ दुष्कर्म और गैंगरेप जैसी घटनाओं को अंजाम दे चुका था।

घटना की शुरुआत 19 जून को हुई थी, जब तितावी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी को एक कार सवार व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस की 10 टीमें गठित की गईं। पुलिस ने करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पुलिस पर झोंका फायर : पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद रुड़की रोड पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान एक औरा कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश की गोली लगने से सब इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली सतपाल के दोनों पैरों में लगी और वह घायल हो गया।

पिस्टल, कार समेत कई सामान बरामद, लड़की भी मिली : मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कार से अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से एक पिस्टल, एक तमंचा, भारी मात्रा में कारतूस, युवती की बालियां, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और कार बरामद की गई। घायल बदमाश को पहले जिला अस्पताल और बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

फरवरी 2026 में लुधियाना से फरार हुआ था : एसएसपी संजय कुमार वर्मा के मुताबिक, सतपाल उर्फ सत्तू मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला था और वहां का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अपहरण, दुष्कर्म और हथियारों से जुड़े करीब 30 मुकदमे दर्ज थे। वह फरवरी 2026 में पंजाब के लुधियाना स्थित सिविल अस्पताल से पुलिस हिरासत से फरार हो गया था और तभी से विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

गरीब परिवार की लड़कियों को बनाता था निशाना : पुलिस जांच में सामने आया कि सत्तू बेहद शातिर तरीके से नाबालिग और गरीब परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाता था। वह खुद को फौजी, सरकारी कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति बताकर परिवारों का विश्वास जीतता था। कई बार गरीब परिवारों की आर्थिक मदद कर उनके घरों में आना-जाना शुरू करता और फिर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लड़कियों को अपने साथ ले जाता था। इसके बाद वह उन्हें सुनसान स्थानों, जंगलों या होटलों में ले जाकर दुष्कर्म करता था। पुलिस सूत्रों की माने तो नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने के बाद उनके सिर पर किसी ऐसी वस्तु से बार करता था वो कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं होती थी।

2010 में छोटा राजन गैंग से जुड़ा था नाम : सतपाल का नाम वर्षों पहले भी चर्चाओं में आ चुका था। वर्ष 2010 में मेरठ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसके कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा राजन गैंग से संबंध होने की बात सामने आई थी। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के समय उसने खुद को रणजी ट्रॉफी का खिलाड़ी भी बताया था। हालांकि, पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और संभावित गैंग कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी : एसएसपी के अनुसार, मुठभेड़ में ढेर किए गए अभियुक्त का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और संगीन रहा है। उसके खिलाफ चंडीगढ़, पंचकूला (हरियाणा), मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों में हत्या के प्रयास, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी, लूट, अवैध हथियार रखने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमले जैसे गंभीर आरोपों में कुल 30 मुकदमे दर्ज हैं।