नई दिल्ली : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन को ईरान भेजने का फैसला किया है। शनिवार को होने वाले खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए वे शुक्रवार यानी आज ही ईरान के लिए रवाना होंगे।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान : विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस बेहद संवेदनशील मौके पर भारत का यह उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है। मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के लोगों के बीच का आपसी जुड़ाव ही हमारे मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंधों की असल बुनियाद है।
विदेश सचिव ने शोक पुस्तिका पर किए थे हस्ताक्षर : आपको बता दें कि इससे पहले 5 मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे और ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली से मिलकर भारत के लोगों की तरफ से संवेदना व्यक्त की थी।
पीएम मोदी को किया था आमंत्रित : आपको बता दें कि तेहरान प्रशासन ने इस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया था, जिसके बाद भारत सरकार ने बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा को ईरान भेजने का फैसला किया। इसके अलावा तेहरान प्रशासन कांग्रेस की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सलमान खुर्शीद और नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा को भी आमंत्रित किया था। परिणामस्वरूप कांग्रेस ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद को ईरान भेजने का निर्णय लिया।
कहां होगा खामनेई का अंतिम संस्कार : ईरानी अधिकारियों द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, खामनेई के लिए तीन दिनों के सार्वजनिक अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से शुरू होने जा रही हैं। 7 जुलाई को राजधानी तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में विशेष कार्यक्रम होंगे, और 9 जुलाई को उनके गृहनगर, उत्तर-पूर्वी ईरान के पवित्र शहर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया जाएगा।
