इंडियन नेवी : अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों पर मरीन कमांडो की कार्रवाई, व्यापारिक जहाज को छुड़ाया

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नई दिल्ली : इंडियन नेवी के मरीन कमांडो (MARCOS) ने फिर से साबित कर दिया है कि उन्हें दुनिया में एक बेहतरीन एलीट कमांडो फोर्स के रूप में क्यों पहचान मिली हुई है। इस बार उन्होंने अदन की खाड़ी में न सिर्फ एक व्यापारिक जहाज को समुद्री लुटेरों के कब्जे छुड़ाया है, बल्कि क्रू को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया है, जिसमें एक भारतीय क्रू भी शामिल है।

अदन की खाड़ी में फिर दिखा मार्कोस का दम :

  • न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इंडियन नेवी के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद ने समुद्री लुटेरों के हमले को नाकाम कर दिया।
  • घटना बुधवार रात की है, जब अदन की खाड़ी में इंडियन नेवी के मरीन कमांडो या मार्कोस एमवी गोल्डन आर्सेनल नाम के मर्चेंट शिप पर चढ़ गए और उसे सुरक्षित अपने कंट्रोल में ले लिया।
  • इस जहाज से भारत के लिए आवश्यक सामान आ रहा था और इसपर एक भारतीय क्रू भी मौजूद था।
  • क्रू ने जहाज के एक केबिन में बंद करके कम्युनिकेशन चैनल के माध्यम से समुद्री लुटेरों के हमले की जानकारी दी थी।
  • जैसे ही भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने उस मर्चेंट नेवी के जहाज की ओर रुख किया, सारे समुद्री लुटेरे भाग खड़े हुए।

मरीन कमांडो (मार्कोस) कौन है :

  • इंडियन नेवी की मरीन कमांडोज की एक स्पेशल ऑपरेशन यूनिट है मार्कोस।
  • इसे दुनिया की सबसे साहसी और सम्मानित स्पेशल फोर्स में से गिना जाता है।
  • मार्कोस की ट्रेनिंग ऐसी है कि वह जमीन, हवा और समुद्र में किसी भी जगह ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम हैं।
  • आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन, बंधकों की रिहाई और बेहद गुप्त और संवेदनशील डायरेक्ट ऑपरेशन को अंजाम देने में इन्हें विशेष महारत हासिल है।
  • आतंकियों के बीच इनकी खौफ ऐसी है कि उनके बीच मार्कोस की ‘दाढ़ीवाला फौज’ के तौर पर पहचान बन चुकी है।

मरीन कमांडो के सफल अभियान :

  • मार्कोस ने 2008 से अबतक कई बार अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों के खिलाफ सफल अभियान को अंजाम दिया है।
  • मार्कोस की सबसे ज्यादा चर्चा 26/11 के मुंबई हमलों के दौरान हुई थी।
  • तब एनएसजी के साथ मिलकर मुंबई के ट्राइडेंट और ताज महल पैलेस होटल में पाकिस्तानी आतंकियों को सफाए और बंधकों की रिहाई में इस एलिट फोर्स ने बहुत बड़ा रोल निभाया था।
  • जम्मू-कश्मीर में भी कई आतंकवाद-विरोधी अभियानों में मार्कोस ने बड़ी भूमिका निभाई है।
  • इनके अलावा कुछ पड़ोसी मुल्कों में भी जब जरूरत पड़ी है, कहा जाता है कि मार्कोस ने उनकी मदद की है।