अब पुराने रूप में कभी नहीं लौटेगी सिंधु जल संधि… भारत सरकार के जवाब से बौखलाया पाकिस्तान

Sindhu-Water-Pak

नई दिल्ली/इस्लामाबाद : सिंधु जल संधि के निलंबन के भारत के फैसले को लेकर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान के हुक्मरान और शीर्ष सैन्य अधिकारी लगातार जहर उगल रहे हैं। भारत पर हमले की धमकियां दी जा रही हैं। इन धमकियों को खुद पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने भी कई बार दोहराया है। हालांकि, भारत सरकार ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि सिंधु जल संधि अब अपने मौजूदा स्वरूप में दोबारा कभी लागू नहीं होगी। वहीं, सूत्रों ने संकेत दिया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित करने की कोई समय-सीमा नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए यह विवाद जल्द खत्म नहीं होने वाला है।

सिंधु जल संधि से कैसे बाहर निकलेगा भारत? : सूत्रों के अनुसार, सिंधु जल संधि में इसे अपने-आप से खत्म करने या बाहर निकलने का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन, पाकिस्तान ने इस संधि में किए गए वादों का उल्लंघन किया है। दरअसल, इस संधि की प्रस्तावना में कहा गया है कि “अच्छी नीयत और दोस्ती की भावना के साथ, एक-दूसरे के प्रति अधिकारों और दायित्वों को तय करना और उनकी सीमाएं निर्धारित करना…।” हालांकि, पाकिस्तान ने न तो अच्छी नीयत दिखाई है, ना ही दोस्ती। वह लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। एक संप्रभु राज्य होने के नाते, भारत को किसी ऐसी संधि में बने रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो स्पष्ट रूप से उसके हित में नहीं है।

सिंधु जल संधि पर जहर उगल रहा पाकिस्तान : पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने चंद दिनों पहले ही सिंधु जल संधि को लेकर भारत को गीदड़भभकी दी थी। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि को एकतरफा रूप से निलंबित नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह पाकिस्तान और भारत के बीच एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त समझौता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि पानी पाकिस्तान के राष्ट्रीय अस्तित्व का मामला है और राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि उनका देश सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी में अपने हिस्से पर कोई समझौता नहीं करेगा।

बिलावल भुट्टो जरदारी भी पीछे नहीं : पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी भी सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगल चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिंधु जल संधि पर कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर युद्ध के लिए भी तैयार है। उन्होंने भारत पर संधि को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

सिंधु जल संधि के बारे में जानें :

  • अप्रैल 2025 में, भारत ने पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित करने की घोषणा की थी।
  • सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु बेसिन से होकर बहने वाली नदियों के उपयोग को नियंत्रित करती है।
  • समझौते के तहत, पश्चिमी क्षेत्र की तीन नदियां, सिंधु, झेलम और चिनाब, मुख्य रूप से पाकिस्तान को आवंटित की गई हैं।
  • जबकि पूर्वी क्षेत्र की तीन नदियां, रावी, ब्यास और सतलुज, भारत को आवंटित की गई है।
  • सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान की सिंचाई का प्राथमिक स्रोत है, जो कृषि, खाद्य सुरक्षा, वस्त्र उद्योग और बिजली उत्पादन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को बनाए रखती है।