बिहार : BPSC की AEDO परीक्षा घोटाले में BARC कर्मी रोशन कुमार गिरफ्तार, EOU ने मुंबई में दबोचा

Bihar-BPSC-Fraud-Arrested

नालंदा : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) परीक्षा घोटाले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को बड़ी कामयाबी मिली है। ईओयू की टीम हासिल करते हुए मुंबई में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में काम करने वाले टेक्निकल असिस्टेंट रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है। ईओयू की टीम रोशन को लेकर पटना के लिए निकल चुकी है।

मुंबई के ट्रॉम्बे में बीएआरसी परिसर से पकड़ा गया रोशन कुमार : नालंदा जिले के कंकड़िया गांव के रहने वाले रोशन को ईओयू की विशेष टीम ने गुप्त अभियान चलाकर मुंबई के ट्रॉम्बे में बीएआरसी परिसर से पकड़ा। उस पर अप्रैल 2026 में हुई विवादित भर्ती परीक्षा के दौरान आंसर की लीक करने और उसे बांटने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है, जिसके कारण पूरी परीक्षा रद्द कर दी गई थी। एईडीओ पेपर लीक की जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) की अगुवाई में ईओयू की तीन सदस्यीय टीम तीन अगस्त को पटना से मुंबई पहुंची थी।

नालंदा के सोहसराय परीक्षा केंद्र से जुड़ा है मामला : सूत्रों के मुताबिक, रौशन कुमार के पास सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र की आंसर-की मौजूद थी। यह आंसर-की उसके पास कैसे और किस माध्यम से पहुंची, इसका पता लगाने के लिए ईओयू की टीम उससे पूछताछ करेगी।

बता दें, इस मामले में इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। ईओयू ने बायोमेट्रिक सिस्टम के लिए जयपुर की साईं एडुकेयर प्राइवेट लिमिटेड को मैनपावर उपलब्ध कराने वाली कंपनी के सिटी कोऑर्डिनेटर बृजेश यादव को गिरफ्तार किया था। ब्रजेश भी नालंदा जिले का निवासी है।

जांच के दौरान नालंदा के सोहसराय स्थित पीएल साहू हाई स्कूल परीक्षा केंद्र की पहली पाली में कमरा नंबर 25 से पटना के कुम्हरार नया टोला निवासी श्वेता कुमारी के साथ बायोमेट्रिक कंपनी के दो कर्मचारी चंदन कुमार और राहुल कुमार को भी पकड़ा गया था।

छह जिलों में दर्ज हैं मामले, तीन दर्जन से अधिक गिरफ्तार : इस वर्ष 14 से 21 अप्रैल के बीच नौ पालियों में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक के आरोप और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल के मामलों के सामने आने के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था।

935 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती परीक्षा में करीब 11 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। मामले में मुंगेर, नालंदा, गया, बेगूसराय, वैशाली और समस्तीपुर जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मामले की जांच अभी भी जारी है।