धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले में शुक्रवार को दोपहर में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के भोला नाथ बसेरिया में कुत्तों के एक झुंड ने 5 वर्षीय मासूम अंकित यादव पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हृदय विदारक घटना ने जिला प्रशासन की कार्यशैली और पशु नियंत्रण दावों की पोल खोलकर रख दी है।
मंदिर के पास घेरकर किया हमला : मृतक की पहचान कुंदन यादव के पुत्र अंकित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 4 नंबर यादव बस्ती अंकित अपने घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर के पास खेल रहा था, तभी अचानक कुत्तों के झुंड ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और कुत्तों ने मासूम के शरीर को इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत कर दिया कि मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं। बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ बच्चा वहां अकेला था।
मासूम का शव देख माता-पिता सुध-बुध खो बैठे : जब कुत्तों ने उसे अपना निवाला बना रखा था। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर जब तक स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। मासूम का लहूलुहान शव देख माता-पिता सुध-बुध खो बैठे। बच्चे के पिता बार बार अपने लाल को जगाने का प्रयास करते हुए दहाड़ मार कर रो रहे थे। जबकि मां बार बार अपने बेटे का शव देख बेहोश हो जा रही थी। इस घटना ने पूरे इलाके को गमजदा कर दिया। पूरे इलाके में इस घटना के बाद गम और निगम के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
कुत्तों के काटने के डराने वाले आंकड़े, अस्पताल में हर दिन पहुंच रहे मरीज : धनबाद में आवारा कुत्तों की समस्या कितनी विकराल हो चुकी है, इसकी तस्दीक एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल) के आंकड़े कर रहे हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक लगभग 1500 मरीज कुत्ते के काटने का इलाज कराने अस्पताल पहुंच चुके हैं। इन मरीजों में धनबाद शहरी क्षेत्र के अलावा आसपास के झरिया, कतरास और बाघमारा जैसे इलाके समेत जामताड़ा और गिरिडीह भी शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार औसतन हर महीने 100 से अधिक लोग ‘डॉग बाइट’ का शिकार हो रहे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या सर्वाधिक है।
सड़कों पर भी रहता है आवारा कुत्तों का आतंक : धनबाद शहर के सुनसान सड़कों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा यहां अक्सर देखने को मिल जाएगा। जो चलती कार और बाइक सवारों पर कुत्तों का झुंड टूट पड़ता है। कभी कभार तो कूटों की झुंड के हमले से बाइक सवार नियंत्रण खो कर सड़क पर गिर जाते है और चोटिल होते हैं। लेकिन नगर निगम और जिला प्रशासन लोगों की इस परेशानी से बेखबर है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इलाके में आवारा कुत्तों के खिलाफ तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कुत्तों को पकड़कर अन्यत्र नहीं भेजा गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।
