हैदराबाद : तेलंगाना के हैदराबाद में बकरे के मटन के नाम पर गोमांस बेचे जाने का मामला सामने आया है. पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक मीट सप्लाई यूनिट को ध्वस्त कर दिया. वह यूनिट शहर में बने होटलों में उस गोमांस की सप्लाई करती थी.
शहर के पुलिस आयुक्त सज्जनार ने बताया कि यह छापा शहर में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था. पुलिस टीम को मटन के नाम पर गोमांस बेचे जाने की टिप मिली थी. जिसके बाद डिटेक्टिव डिपार्टमेंट, फूड सेफ्टी विभाग, वेटरनरी अधिकारियों और हबीबनगर पुलिस के साथ मिलकर मल्लेपल्ली इलाके में अवैध मीट सप्लाई फैक्ट्री पर छापा मारा गया.
गोमांस बेचने वाले 2 आरोपी अरेस्ट : उन्होंने बताया कि छापे के दौरान मौके से दो व्यक्तियों को अरेस्ट किया गया. वे गोवंश की हत्या कर उनके मांस को बकरे का मटन बताकर विभिन्न होटलों में सप्लाई करते थे. रेड के दौरान अधिकारियों ने लगभग 50 किलोग्राम गोमांस भी जब्त किया. उस मांस को मांस को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. दोनों आरोपियों और जब्त सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हबीबनगर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है.
पुलिस आयुक्त ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं को धोखा देकर बकरे के मटन के नाम पर गोमांस बेचना एक गंभीर अपराध है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
मांस खरीदते वक्त रहें सतर्क- पुलिस आयुक्त : सीपी सज्जनार ने लोगों से अपील की कि वे मांस खरीदते समय सतर्क रहें. यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए या मांस की गुणवत्ता पर शक हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की जागरूकता ही मिलावटखोरों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है.
वहीं टास्क फोर्स के डीसीपी वैभव गायकवाड़ ने बताया कि एच-फास्ट टीम खाने-पीने की चीजों में मिलावट और अवैध मांस सप्लाई के मामलों पर लगातार नजर रखे हुए है. ऐसे मामलों से निपटने के लिए टीम की ओर से लगातार छापेमारी चल रही है. आने वाले दिनों में इस दिशा में कार्रवाई और अधिक आक्रामक रूप लेगी. उन्होंने उपभोक्ताओं और मांस खरीदारों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते ही तुरंत अधिकारियों को सूचना दें. जिससे मिलावटखोरों को कोई जगह न मिले.
मीट पैकेट की लेबलिंग पर दें ध्यान- डीसीपी : उन्होंने कहा कि लोग महंगे दाम देकर बकरे का मटन खरीदते हैं लेकिन उन्हें सस्ता गोमांस थमा दिया जाता है, जो न सिर्फ धोखाधड़ी है बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला भी हो सकता है. पुलिस उपायुक्त ने कहा कि जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. मांस खरीदते समय वे हमेशा विश्वसनीय दुकानों या प्रमाणित जगह से ही खरीदें.
उन्होंने कहा कि जिस पैकेट में वे मांस ले रहे है, उसकी लेबलिंग, कीमत और मांस की बनावट पर भी ध्यान दें. यदि कोई होटल या विक्रेता संदिग्ध लगे तो उसकी शिकायत दर्ज कराएं. मिलावट न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि कानूनी रूप से भी दंडनीय अपराध है.
