मिशन आगमन : स्काईरूट एयरोस्पेस लांच करेगा निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’

Mission-Space-Vikram

नई दिल्ली : भारत का प्राइवेट स्पेस सेक्टर एक नई ऐतिहासिक छलांग लगाने की तैयारी में है। निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ की टेस्ट फ्लाइट-1 ‘मिशन आगमन’ का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च होगा, जो देश के स्पेस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कंपनी ने बताया कि मिशन की लॉन्च विंडो 12 जुलाई से 4 अगस्त तक निर्धारित की गई है।

स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि विक्रम-1 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के ऐतिहासिक फर्स्ट लॉन्च पैड (FLP) पर पूरी तरह तैयार कर स्थापित कर दिया गया है। अब अंतिम तकनीकी जांच और लॉन्च की तैयारियां चल रही हैं। रॉकेट को 450 किलोमीटर ऊंची लो अर्थ ऑर्बिट में 60 डिग्री झुकाव के साथ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए मील का पत्थर : कंपनी ने कहा कि ‘मिशन आगमन’ केवल एक रॉकेट लॉन्च नहीं, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम के नए युग की शुरुआत है। यदि यह मिशन सफल रहता है, तो भारतीय निजी कंपनियों की वैश्विक लॉन्च बाजार में मजबूत मौजूदगी बनेगी और देश की अंतरिक्ष तकनीक को नई पहचान मिलेगी।

लॉन्च पैड पर तैयार है विक्रम-1 : स्काईरूट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि रॉकेट अब लॉन्च पैड पर पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने लिखा कि ‘भारतीय अंतरिक्ष उड़ान के नए अध्याय की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।’ पोस्ट में रॉकेट की तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिनमें लॉन्च की तैयारियां दिखाई गई हैं।

ISRO और IN-SPACe का जताया आभार : स्काईरूट एयरोस्पेस ने इस मिशन को संभव बनाने के लिए इसरो (ISRO) और इन-स्पेस (IN-SPACe) का विशेष आभार व्यक्त किया। कंपनी ने कहा कि दोनों संस्थाओं के सहयोग और मार्गदर्शन से भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

‘एक रॉकेट, एक अरब भरोसे’ : अपने पोस्ट के अंत में कंपनी ने लिखा, ‘एक रॉकेट, एक अरब भरोसे।’ यह संदेश इस मिशन से जुड़ी देशवासियों की उम्मीदों और भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। अब पूरे देश की नजरें 12 जुलाई से शुरू होने वाली लॉन्च विंडो पर टिकी हैं, जब भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरने की कोशिश करेगा।