खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। खालवा थाने में पदस्थ पुलिस आरक्षक अफराज मिर्जा के कुछ आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और अश्लील चैटिंग के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल है। इस घटना से आक्रोशित हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोलते हुए आरक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। तमाम कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर खंडवा कोतवाली थाने में एक शिकायती आवेदन सौंपा है।
वर्दी के रौब में धमकी और अश्लील चैटिंग का आरोप : हिंदू संगठनों ने कॉन्स्टेबल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि आरक्षक अफराज मिर्जा ने अपनी वर्दी और पद का धौंस दिखाकर सोशल मीडिया पर युवतियों के साथ अश्लील बातचीत की और आपत्तिजनक पोज दिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब पीड़ित महिला ने आरक्षक की अनुचित मांगों को पूरा करने से इनकार कर दिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।
आरोपी आरक्षक ने सोशल मीडिया पर अन्य महिलाओं और फर्जी नामों से भी फर्जी आईडी बना रखी थी, जिनके जरिए वह क्षेत्र की अन्य हिंदू युवतियों को भी निशाना बना रहा था। -हिंदू संगठनों का आरोप
पुलिस को सौंपे गए साक्ष्य : मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खंडवा पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। खंडवा के एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने बताया कि हिंदू संगठनों द्वारा कोतवाली पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सौंपे गए हैं। इन साक्ष्यों में आपत्तिजनक वीडियो, तस्वीरों के साथ-साथ अश्लील चैटिंग और धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट भी शामिल हैं।
सीएसपी को सौंपी गई जांच : इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए जिम्मेदारी सीएसपी अभिनव वारंगे को सौंपी गई है। जांच टीम सभी तकनीकी साक्ष्यों और स्क्रीनशॉट का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ सख्त वैधानिक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मियों के अकाउंट की जांच की मांग : इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने न केवल आरोपी आरक्षक को बर्खास्त करने की मांग की है, बल्कि पुलिस प्रशासन से एक विशेष आग्रह भी किया है। आवेदन में मांग की गई है कि जिले में पदस्थ ऐसे सभी पुलिसकर्मी जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स की सघन जांच की जाए, ताकि खाकी की आड़ में चल रहे ऐसे अन्य मामलों का पर्दाफाश हो सके।
फिलहाल, कोतवाली पुलिस उन युवतियों से संपर्क साधने और उनके बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है, जिनके फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बयानों के बाद मामले में आगे की कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।
